प्रयागराज , सितंबर 23 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रसंघ की बहाली का मुद्दा एक बार फिर जोर पकड़ने लगा है। बुधवार सुबह लक्ष्मी चौराहा, मेयोहॉल चौराहा और महिला छात्रावास के सामने छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर पोस्टर लगाए गए।

पोस्टरों के जरिए सरकार से छात्रसंघ चुनाव बहाल करने को लेकर सवाल किए गए। पोस्टरों पर लिखा था, "यूपी में छात्रसंघ पर ताला, दिल्ली में जीत पर माला" और "यूपी में छात्रसंघ चुनाव कब बहाल होंगे।"एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव एवं इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रनेता आदर्श सिंह भदौरिया ने कहा कि अब छात्रसंघ बहाली के सवाल को विश्वविद्यालय परिसर से बाहर शहर के प्रमुख चौराहों तक ले जाया जा रहा है। चौराहों पर लगाए गए पोस्टरों के माध्यम से सरकार से छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर सवाल किया जा रहा है।

गौरतलब है कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव की व्यवस्था वर्ष 2019 में समाप्त कर दी गई थी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने 96 साल पुराने छात्रसंघ की जगह छात्र परिषद व्यवस्था लागू करने का फैसला किया था। इसमें सीधे चुनाव के बजाय कक्षा प्रतिनिधियों के माध्यम से छात्र परिषद के पदाधिकारियों के चुनाव की व्यवस्था की गई थी। प्रशासन ने इसके पीछे लिंगदोह समिति की सिफारिशों का हवाला दिया था।

इसके बाद छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर लगातार आंदोलन होते रहे। सितंबर 2024 में छात्रों ने छात्रसंघ भवन से कुलपति कार्यालय तक दंडवत मार्च निकाला था। अक्टूबर 2024 में एक छात्र ने छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर मुंडन कराकर विरोध जताया था।

दिसंबर 2025 में एनएसयूआई, समाजवादी छात्र सभा, एसएफआई और दिशा छात्र संगठन समेत कई छात्र संगठनों ने संयुक्त महापंचायत की थी। इसमें छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने के लिए चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया गया था। आदर्श भदौरिया समेत कई छात्र नेताओं ने भी इसमें हिस्सा लिया था।

अब 2026 में शहर के प्रमुख चौराहों पर पोस्टर लगाए जाने के साथ छात्रसंघ बहाली की मांग फिर सार्वजनिक चर्चा में आ गई है। छात्र संगठन इस मुद्दे को विश्वविद्यालय परिसर से बाहर ले जाकर आंदोलन को व्यापक स्तर पर उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

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