श्रीनगर , अप्रैल 03 -- अखिल भारतीय इमाम संघ (एआईआईओ) के प्रमुख इमाम उमर अहमद इलियासी ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (पीओके), जो भारत का अभिन्न अंग है, बहुत जल्द भारत में शामिल होगा। इसके साथ ही उन्हें यह भी उम्मीद है कि पश्चिम एशिया में शांति बनाने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अहम भूमिका निभायेंगे।

उन्होंने दावा किया कि एकीकरण की यह इच्छा स्वयं पीओके के लोगों की ओर से आ रही है।

श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए श्री इलियासी ने कहा कि पीओके के निवासी अपनी आकांक्षाओं को व्यक्त करने के लिए जनमत संग्रह कराना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "मैं कश्मीर से अपने पड़ोसी देश को कुछ बताना चाहता हूं कि पीओके हमारा अभिन्न अंग है और निश्चित रूप से फिर से भारत में शामिल होगा। पीओके के लोग जनमत संग्रह कराना चाहते हैं और अपने घरों को वापस लौटना चाहते हैं।"इमाम ने कहा कि पीओके के लोग जम्मू-कश्मीर की प्रगति देखकर खुश हैं और उनकी भावनाएं भारत के साथ जुड़ने के पक्ष में हैं। उन्होंने टिप्पणी की, "यह हम नहीं, बल्कि पीओके के लोग हैं, जो ऐसा चाहते हैं। इंशाल्लाह! उनकी 'घर वापसी' जल्द होगी और पीओके भारत में शामिल हो जायेगा।"अंतरधार्मिक संवाद में सक्रिय रहने वाले श्री इलियासी 'सत्तारूढ़ भाजपा-आरएसएस से निकटता' के लिए जाने जाते हैं। वह उन चुनिंदा मुस्लिम धर्मगुरुओं में भी शामिल थे, जिन्हें 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आमंत्रित किया गया था।

श्री इलियासी ने कहा कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद कश्मीर 'नया कश्मीर' में बदल गया है। उन्होंने दावा किया कि इस क्षेत्र में विकास, शिक्षा और पर्यटन में भारी इजाफा हुआ है। उन्होंने आगे कहा कि 2019 में अनुच्छेद 370 को हटाने से 'पूरे कश्मीर में खुशहाली' आयी और जमीनी स्तर पर प्रत्यक्ष बदलाव देखने को मिले हैं। उन्होंने कहा, "मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि आज कश्मीर एक 'नया कश्मीर' है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद यहां विकास हुआ है और पर्यटन में भी वृद्धि हुई है। लोग खुश हैं।"श्री इलियासी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में युवाओं की स्थिति में काफी बदलाव आया है। उन्होंने अपनी बात जोड़ते हुए कहा, "एक समय था, जब छोटे बच्चे पत्थरबाजी किया करते थे। आज बच्चों के हाथों में कलम है। बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं और अपनी शिक्षा पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।"श्री इलियासी ने जम्मू-कश्मीर वक्फ बोर्ड की अध्यक्ष और भाजपा नेता दरख्शां अंद्राबी के काम की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सुश्री अंद्राबी के काम ने उन्हें यह अहसास कराया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अन्य नेताओं ने अपनी जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाया है। उन्होंने कहा कि सुश्री अंद्राबी ने कश्मीर में वक्फ बोर्ड को एक मॉडल संस्थान बना दिया है।

पिछले साल पहलगाम में पर्यटकों पर हुए हमले का जिक्र करते हुए श्री इलियासी ने कहा कि इससे पर्यटन थोड़ा प्रभावित हुआ है, लेकिन उन्होंने पर्यटकों से कश्मीर आना जारी रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "मैं यह कहना चाहूंगा कि पहलगाम हमले के बाद पर्यटन थोड़ा कमजोर पड़ा है, लेकिन मैं लोगों से कहना चाहता हूं कि वे कश्मीर जरूर आयें। डरने की जरूरत नहीं है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कश्मीर आगंतुकों के लिए शांतिपूर्ण और सुरक्षित बना हुआ है और पर्यटन में वृद्धि जारी रहेगी।

मुस्लिम धर्मगुरु ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जंग हर किसी के लिए नुकसानदेह होती है और तबाही लाती है।

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