दुबई , जुलाई 08 -- अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के बुधवार को एडिनर्ग में वार्षिक सम्मेलन में हुए चुनाव में गुरुमूर्ति पलानी (फ्रांस), मुबाशिर उस्मानी (यूएई) और रूडी वैन वुरेन (नामीबिया) को आईसीसी का एसोसिएट सदस्य निदेशकों के रूप में चुना गया है।

क्रिकबज की रिपोर्ट के अनुसार आज हुए इस चुनाव में इमरान ख्वाजा की हार हुई। वह लंबे समय से एसोसिएट सदस्य निदेशक और मौजूदा आईसीसी के उपाध्यक्ष रहे हैं। वोटिंग में ख्वाजा चौथे स्थान पर रहे। गुरुमूर्ति पलानी 35 वोटों के साथ सबसे आगे रहे, जबकि मुबाशिर उस्मानी और रूडी वैन वुरेन को 26-26 वोट मिले। ख्वाजा 23 वोटों के साथ चौथे स्थान पर रहे।

जहां पलानी और रूडी वैन वुरेन पहली बार आईसीसी बोर्ड के सदस्य बनेंगे, वहीं उस्मानी ने अपना पद बरकरार रखा है। वे पिछले दो सालों से आईसीसी बोर्ड में एसोसिएट सदस्य निदेशक के तौर पर काम कर रहे हैं।

यह हर दो साल में होने वाला चुनाव था जिसमें पांच उम्मीदवार मैदान में थे, पांचवें उम्मीदवार महिंदा वल्लीपुरम (मलेशिया) थे। जीतने वाले तीनों सदस्य आईसीसी के शक्तिशाली बोर्ड में दो साल का कार्यकाल पूरा करेंगे। उस्मानी, ख्वाजा और वल्लीपुरम पहले से ही एसोसिएट सदस्य निदेशक थे।

आईसीसी के नियमों के अनुसार, 45 एसोसिएट सदस्य चुनाव में हिस्सा लेने के लिए योग्य हैं। हालांकि, इस बार सिर्फ़ 43 सदस्य ही वोट देने के लिए योग्य थे क्योंकि अमेरिका क्रिकेट और कनाडा क्रिकेट अभी भी सस्पेंशन (निलंबन) के तहत हैं। हर वोटिंग सदस्य को तीन वोट देने का अधिकार था, इसलिए कुल 129 वोट डाले जा सकते थे।

ख्वाजा की हार हैरानी वाली बात है, खासकर आईसीसी में उनके कद को देखते हुए। सिंगापुर के इस अनुभवी एडमिनिस्ट्रेटर ने ऐसा मुकाम हासिल किया था जिसकी कल्पना बहुत कम एसोसिएट प्रतिनिधि ही कर सकते थे। मौजूदा डिप्टी चेयरमैन होने के अलावा, उन्होंने 2020 में शशांक मनोहर के इस्तीफ़े के बाद कुछ समय के लिए आईसीसी के कार्यवाहक चेयरमैन के तौर पर भी काम किया था।

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