इस्लामाबाद , अप्रैल 21 -- पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन अलीमा खान ने आरोप लगाया है कि उनके भाई को एकांत कारावास में रखकर अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है और उन्हें पर्याप्त चिकित्सीय सुविधा नहीं दी जा रही।
सुश्री खान द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि इमरान खान को 16 अक्टूबर 2025 से एकांत कारावास में रखा गया है। उन्होंने 2025 में केवल दो बार और फरवरी 2026 में एक बार, वह भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, अपने बेटों से बात की थी।
बयान के अनुसार, उन्हें पढ़ने के लिए किताबें भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं और जो किताबें भेजी गईं, उनमें से केवल तीन ही उन्हें मिल पाईं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी तरह स्वस्थ श्री खान की आंख में अचानक खून का थक्का (क्लॉट) बन गया, लेकिन उन्हें समय पर चिकित्सा सहायता नहीं दी गयी। दो सप्ताह तक उन्होंने जेल प्रशासन को बताया कि उन्हें दिखाई नहीं दे रहा, इसके बावजूद इलाज में देरी की गई।
आरोप है कि अडियाला जेल के अधीक्षक गफूर अंजुम ने विशेषज्ञ डॉक्टर को बुलाने में तीन महीने की देरी की, जिसके कारण आंख को स्थायी नुकसान पहुंचा। परिवार ने आशंका जताई है कि दूसरी आंख में भी ऐसी समस्या हो सकती है।
बयान में कहा गया है कि श्री खान ने पिछले कुछ महीनों में कई बार उपचार से असंतोष जताया है और एक इंजेक्शन के बाद मामूली सुधार हुआ, लेकिन उसके बाद कोई प्रगति नहीं हुई।
इस बीच, उनकी पत्नी बुशरा बीबी की आंख में भी समस्या उत्पन्न हुई और हाल ही में उनका ऑपरेशन किया गया है।
परिवार ने मांग की है कि श्री खान को इस्लामाबाद के शिफा अंतरराष्ट्रीय अस्पताल में समुचित जांच और उपचार की सुविधा दी जाए, ताकि बीमारी के कारणों का पता लगाया जा सके।
सुश्री खान ने इसे "अमानवीय" बताते हुए कहा कि यह पाकिस्तान और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत कैदियों के मौलिक मानवाधिकारों का उल्लंघन है।
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