पटना , अक्टूबर 27 -- बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने इन्फैंट्री दिवस के अवसर पर मंगलवार को दानापुर स्थित बिहार रेजिमेंटल सेंटर में पुष्पचक्र अर्पित कर देश की रक्षा में प्राण न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।

श्री हसनैन ने इस अवसर पर भारतीय सेना के शौर्य, साहस और बलिदान की गौरवशाली परंपरा को याद करते हुए सैनिकों के योगदान को नमन किया।

राज्यपाल ने कहा कि 27 अक्टूबर, 1947 को भारतीय सेना की पहली टुकड़ी हवाई मार्ग से श्रीनगर पहुंची थी। इस सैन्य अभियान ने कश्मीर को कबायली हमलावरों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने इस दौरान 4 कुमाऊं बटालियन के मेजर सोमनाथ शर्मा की अदम्य वीरता का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि बांह में फ्रैक्चर होने के बावजूद मेजर शर्मा ने बहादुरी से दुश्मनों का मुकाबला किया और देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था।

श्री हसनैन ने इन्फैंट्री दिवस को वीरता, बलिदान और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह दिन देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले सैनिकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है।

उन्होंने सेवारत और पूर्व सैनिकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके अनुभव और संस्मरण युवाओं के लिए प्रेरणा के स्रोत हैं।

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