बेंगलुरु , फरवरी 21 -- कर्नाटक के सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री प्रियांक खरगे ने शनिवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सम्मेलन में आकर्षण का केंद्र इनोवेटर्स, शोधकर्ता और प्रौद्योगिकी के निर्माता नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थे।
श्री खरगे ने वैश्विक प्रौद्योगिकी सम्मेलन को मुख्य रूप से वैज्ञानिक प्रतिभा, स्टार्टअप्स और प्रौद्योगिकी के उभरते निर्माताओं का मंच बताया। उन्होंने इस मंच को राजनीतिक संदेश और नेतृत्व छवि निर्माण के लिए इस्तेमाल करने की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि वह सम्मेलन के विरोध-प्रदर्शनों के बारे में चर्चाओं का इस्तेमाल मुख्य रूप से प्रौद्योगिकी और आर्थिक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए कर रही है।
उन्होंने कहा कि अतंरराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी के मंचों को नवाचार कूटनीति और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास के सहयोग पर फोकस रहना चाहिए। श्री खरगे ने कहा, "एआई सम्मेलन में ध्यान का केंद्र प्रधानमंत्री थे, न कि इनोवेटर्स, शोधकर्ता और प्रौद्योगिकी के निर्माता।" उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों में भारत के प्रौद्योगिकीय प्रतिभा और स्टार्टअप के बढ़ने की कहानी को प्रकाश में लाना चाहिए।
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