श्रीगंगानगर , नवम्बर 18 -- राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के राठीखेड़ा गांव में एक निजी कंपनी द्वारा करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे इथेनॉल संयंत्र का 15 महीनों से विरोध कर रहे और फैक्ट्री के सामने धरने पर बैठे ग्रामीणों को मंगलवार को तड़के पुलिस ने खदेड़ दिया और किसान नेता महंगासिंह सिद्धू सहित 10 से अधिक किसानों को गिरफ्तार किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पुलिस ने मौके से प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया जिसके विरोध में आज दिन भर माहौल गर्माया रहा। संगरिया से कांग्रेस विधायक अभिमन्यु पूनिया और कई अन्य किसान नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने इसके विरोध में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
अपराह़न करीब तीन बजे पुलिस ने विधायक पूनिया और करीब 70 अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया। इनको दो-तीन बसों द्वारा टिब्बी से संगरिया ले जाया गया और फिर देर शाम वापस टिब्बी लाकर छोड़ दिया। पुलिस की आज की कार्रवाई से पिछले 15 महीना से ग्रामीणों के शांतिपूर्ण चल रहे धरने को भड़का दिया है। अब यह मामला पहले से कहीं ज्यादा तूल पकड़ गया है।
जानकारी के अनुसार अब क्षेत्र के अन्य लोग भी मांग कर रहे हैं कि ईथेनॉल संयंत्र के निर्माण कार्य को तुरंत रोका जाए और जिन किसानों को गिरफ्तार किया है, उन्हें रिहा किया जाए। इन मांगों को लेकर देर शाम को प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों के साथ जनप्रतिनिधियों की वार्ता हुई जो कि सिरे नहीं चढ़ी। मगर इस वार्ता में सहमति बनी है कि कल जिला कलेक्टर से इन मांगों को लेकर वार्ता की जाएगी।
इस बीच राठीखेड़ा और इसके आसपास के 15 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाओं को स्थगित कर दिया गया है। पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि यह इथेनॉल संयंत्र करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से एक निजी कंपनी द्वारा बनाया जा रहा है और इसका निर्माण कार्य अब करीब पूरा हो चुका है, लेकिन स्थानीय ग्रामीण शुरुआत से ही इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि फैक्ट्री से निकलने वाला प्रदूषण न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाएगा, बल्कि आसपास के गांवों के निवासियों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव डालेगा। विशेष रूप से हवा, मिट्टी और भूमिगत जल की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
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