लाहौर , सितम्बर 05 -- पाकिस्तान के नए टेस्ट कोच माइक हेसन ने कहा है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने इस सप्ताह इंग्लैंड में बड़े स्तर पर जो बदलाव किए हैं, उससे वह थोड़े हैरान हैं। हेसन ने साथ ही पुष्टि की कि फ़िलहाल वह अंतरिम टेस्ट कोच हैं। उन्होंने माना कि पिछले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण रहे हैं, लेकिन उनका ध्यान टीम के आसपास चल रही उथल-पुथल के बजाय एजबस्टन में होने वाले तीसरे टेस्ट पर रखने की कोशिश में है।
उन्होंने कहा, "फ़िलहाल मैं अंतरिम भूमिका में हूं। चीजे़ें जाहिर तौर पर बहुत तेजी से हुई हैं। मैं वास्तव में जापान में एशियन गेम्स की तैयारी कर रहा था। फिर मैं लाहौर वापस आया और जैसा कि मैंने कहा, मुझे यहां काफ़ी जल्दी बुलाया गया क्योंकि बदलाव होने वाले थे। मुझे इसका हिस्सा बनने के लिए कहा गया। हमने जितनी जल्दी हो सकता था, चीज़ों को व्यवस्थित किया।"अचानक किए गए इस नियुक्ति के कारण अभी भी कई चीज़ों पर काम किया जा रहा है। हेसन उस फ़ैसले की प्रक्रिया का हिस्सा नहीं थे, जिसके तहत कुछ खिलाड़ियों को वापस भेजा गया और अब वह मुख्य रूप से उस टीम के साथ काम करेंगे जो उन्हें मिली है। टेस्ट टीम से बाहर किए गए खिलाड़ियों में सलमान अली आगा भी शामिल हैं। हेसन, पाकिस्तान के पहले से ही सीमित ओवर क्रिकेट टीम के कोच हैं, जबकि सलमान उनके टी 20 कप्तान रहे हैं। इन दोनों के बीच एक क़रीबी रिश्ता है।
हेसन ने कहा, "मुझे नहीं पता कि उन्हें हटाने की पूरी वजह क्या है। मैंने वही पढ़ा है, जो आप लोगों ने पढ़ा है और वही बातें सुनी है। मुझे लगता है कि सलमान अली आग़ा पिछले कुछ वर्षों में हमारे सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में से एक रहे हैं। उनके शायद तीन टेस्ट ख़राब रहे हैं, लेकिन वह एक शानदार खिलाड़ी हैं। जाहिर तौर पर टीम में शामिल नहीं किए जाने से वह निराश होंगे। बाक़ी दो खिलाड़ियों को मेरे शामिल होने से पहले ही हटा दिया गया था।
"अब तक मैं पाकिस्तान में लाल गेंद की क्रिकेट से बिल्कुल जुड़ा नहीं था, इसलिए मैं चयन समिति का हिस्सा नहीं हूं। मैं सीमित ओवर की टीमों के चयन समिति का हिस्सा हूं। जब इस दौरे के लिए टीम चुनी गई थी, तब मेरा इसमें कोई योगदान नहीं था। जब मैंने ज़िम्मेदारी संभाली, तब तीन खिलाड़ी पहले ही टीम से जा चुके थे, जिनमें मोहम्मद रिज़वान, इमाम-उल-हक़ और सलमान अली आग़ा शामिल थे।
"इसके बाद हमारे लिए तीसरे टेस्ट के लिए संतुलित टीम तैयार करने की कोशिश शुरू हुई। जाहिर तौर पर हमें वैसे भी बदलाव करने थे। हमें ऐसा संतुलन तैयार करना था, जिससे इन परिस्थितियों में हमारे गेंदबाज़ी आक्रमण के पास मुक़ाबला करने का सबसे अच्छा मौका हो। यही हमारा शुरुआती लक्ष्य था।"इन सभी फ़ैसलों में शायद सबसे हैरान करने वाला फैसला अली उस्मान को रिलीज करना था, जो कई मायनों में इस दौरे पर पाकिस्तान के सबसे अच्छे प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। पिछले महीने अभ्यास मैच में पांच विकेट लेने के बाद उन्होंने लीड्स में भी पांच विकेट लिए और 1972 के बाद इंग्लैंड में ऐसा करने वाले पहले मेहमान स्पिनर बने। लॉर्ड्स की तेज़ गेंदबाज़ी के बेहद अनुकूल परिस्थितियों में उन्हें केवल 12 ओवर गेंदबाज़ी करने का मौक़ा मिला।
हालांकि, हेसन के लिए उन्हें टीम से बाहर करने का कारण यह था कि उनके लिए उपयुक्त भूमिका नहीं थी। उन्होंने कहा, "अली उस्मान एक शानदार गेंदबाज़ हैं। लेकिन आपने यहां इंग्लैंड में परिस्थितियां देखी हैं। साल के इस समय इंग्लैंड में ऐसी प्लेइंग XI में फ़िंगर-स्पिनर को खिलाना मुश्किल है, जो बल्लेबाज़ी नहीं कर सकता। दुनिया के दूसरे हिस्सों में अलग परिस्थितियों में वह आगे भी टीम की योजना में शामिल हो सकते हैं। लेकिन यहां हम ऐसे फ़िंगर-स्पिनर को टीम में नहीं रख सकते, जो एक पारी में दो ओवर गेंदबाज़ी करे और बल्लेबाज़ी या फ़ील्डिंग में योगदान न दे सके।"यह किसी ख़ास चयन फ़सले को लेकर नए टेस्ट कोच की ओर से दिए गए सबसे स्पष्ट जवाबों में से एक था। कुल मिलाकर हेसन ने अपने जवाबों को व्यापक रखा। उनका पूरा फ़ोकस सीरीज़ के तीसरे टेस्ट पर है, जहां पाकिस्तान तीन टेस्ट की सीरीज़ में दूसरी बार इंग्लैंड के हाथों 3-0 की क्लीन स्वीप से बचने की कोशिश करेगा।
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