इटावा , अगस्त 17 -- उत्तर प्रदेश में इटावा जिले के भरथना क्षेत्र में मां-बेटी की हत्या के मामले में पुलिस ने एक सशस्त्र मुठभेड के बाद एक बर्खास्त पूर्व सैनिक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार हत्या की साजिश मृतका के पति ने भरण-पोषण के न्यायालयी आदेश से नाराज होकर रची थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने सोमवार को बताया कि चन्देठी गांव में निर्मला उर्फ मंजू देवी और उनकी मां पुष्पा देवी की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। घटना के खुलासे के लिए छह पुलिस टीमों का गठन किया गया था। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर एक लाल रंग की स्कूटी को चिन्हित किया गया, जिसके आधार पर मैनपुरी जिले के कुर्रा निवासी मुकेश यादव की पहचान हुई।
उन्होंने बताया कि सूचना के आधार पर साम्हो क्षेत्र में घेराबंदी कर मुकेश यादव को पकड़ने का प्रयास किया गया। इस दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से वह घायल हो गया और गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे से लाल रंग की स्कूटी, 2.31 लाख रुपये नकद, एक तमंचा और कारतूस बरामद किए गए हैं।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि मृतका निर्मला की शादी वर्ष 2021 में सत्येंद्र यादव से हुई थी, लेकिन वैवाहिक विवाद के कारण वह विवाह के कुछ माह बाद ही मायके में रहने लगी थी। बाद में दोनों के बीच विवाद न्यायालय तक पहुंचा। इटावा न्यायालय ने तीन अगस्त को सत्येंद्र यादव को पत्नी के भरण-पोषण के लिए प्रतिमाह सात हजार रुपये तथा तीन लाख रुपये एकमुश्त देने का आदेश दिया था।
पुलिस के अनुसार इसी आदेश से नाराज होकर सत्येंद्र यादव ने मुकेश यादव के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। इसके लिए उसने मुकेश को ढाई लाख रुपये दिए। योजना के तहत मुकेश ने मृतका और उसकी मां से संपर्क बढ़ाया तथा 15 अगस्त को उनके घर पहुंचकर कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर दोनों को पिला दिया। बेहोशी की हालत में सत्येंद्र यादव के पहुंचने पर दोनों आरोपियों ने धारदार हथियार से गला रेतकर मां-बेटी की हत्या कर दी और फरार हो गए।
एसएसपी ने बताया कि मृतका की मां पुष्पा देवी के पति और भाई बाहर नौकरी करते हैं, जबकि मां-बेटी घर में अकेली रहती थीं। इसी कारण घटना का पता तत्काल नहीं चल सका। बाद में दूध पहुंचाने वाले व्यक्ति को संदेह होने पर मामले का खुलासा हुआ।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तार मुकेश यादव सेना में सिपाही के पद पर तैनात था, लेकिन वर्ष 2010 में ट्रैक्टर चोरी के आरोप में कोर्ट मार्शल के बाद उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। पुलिस ने उसके कब्जे से नशीला पाउडर, कोल्ड ड्रिंक की बोतल, नकदी, स्कूटी और अवैध हथियार बरामद किए हैं।
पुलिस फरार आरोपी सत्येंद्र यादव की तलाश कर रही है और उसकी शीघ्र गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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