इटावा , मई 15 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील का असर उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में दिखाई देने लगा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक सरिता भदौरिया ने शहर में कार्यक्रमों के लिए अपनी लग्जरी कार का उपयोग बंद कर ऑटो और ई-रिक्शा से यात्रा शुरू कर दी है, जबकि जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने अपने सुरक्षा काफिले में चलने वाले एस्कॉर्ट वाहन को हटा दिया है।
समाजवादी पार्टी के गढ़ माने जाने वाले इटावा की एकमात्र भाजपा विधायक सरिता भदौरिया शुक्रवार को भाजपा महिला मोर्चा के कलेक्ट्रेट स्थित धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में अपने आवास सफारी रोड से ऑटो द्वारा पहुंचीं। सरिता भदौरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की अपील के बाद उन्होंने शहर के भीतर होने वाले सभी कार्यक्रमों में ऑटो और ई-रिक्शा से जाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि निजी कार का उपयोग केवल शहर से बाहर जाने के लिए किया जाएगा।
उन्होंने लोगों से भी पैदल चलने, साइकिल, सार्वजनिक परिवहन तथा इलेक्ट्रिक वाहनों का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की। प्रधानमंत्री की अपील का असर प्रशासनिक अधिकारियों पर भी देखने को मिला है। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने बताया कि उनकी सरकारी कार के साथ चलने वाले एस्कॉर्ट वाहन को ईंधन बचत के उद्देश्य से हटा दिया गया है।
उन्होंने जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश त्रिपाठी के साथ बैठक कर अधिवक्ताओं से भी कचहरी आने-जाने में कार के बजाय बाइक अथवा अन्य कम ईंधन खर्च वाले साधनों का उपयोग करने की अपील की। इसी क्रम में कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी ईंधन बचत की पहल की। कानपुर में आयोजित विभागीय बैठक में उप निदेशक कृषि आर.एन. सिंह, जिला कृषि अधिकारी ओंकार सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी प्रमोद कुमार तथा सहायक विपिन कुमार अलग-अलग वाहनों के बजाय एक ही वाहन से बैठक में शामिल होने गए।
उप निदेशक कृषि आर.एन. सिंह ने कहा कि इस प्रकार की पहल से ईंधन की बचत के साथ-साथ संसाधनों का बेहतर उपयोग भी संभव होगा। जिले में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा शुरू की गई इस पहल को प्रधानमंत्री की अपील के सकारात्मक प्रभाव के रूप में देखा जा रहा है।
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