इटावा , मार्च 26 -- उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में आलू की फसल के वाजिब दाम न मिलने से परेशान एक किसान ने अपनी पांच बीघा आलू की फसल ट्रैक्टर से जुताई कर नष्ट कर दी।
फ्रेंड्स कॉलोनी क्षेत्र के ईंटगांव निवासी किसान दिलासाराम यादव ने बताया कि आलू की खेती में भारी लागत के बावजूद बाजार में उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी के चलते उन्होंने घाटे से क्षुब्ध होकर अपनी पांच बीघा फसल को खेत में ही जोत दिया।
किसान का कहना है कि आलू की खेती में प्रति एकड़ 40 से 50 हजार रुपये तक की लागत आती है, जबकि उत्पादन के बाद भी उसे लागत के अनुरूप कीमत नहीं मिल पा रही है। उन्होंने बताया कि उनके पास करीब 30 बीघा में आलू की फसल थी, जिसमें से एक हिस्से को नुकसान के कारण नष्ट करना पड़ा।
क्षेत्र के अन्य किसान भी आलू के गिरते दामों से परेशान हैं। कई किसानों का कहना है कि बटाई पर खेती करने वालों को भी भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। इटावा आलू उत्पादन के लिए प्रमुख क्षेत्रों में गिना जाता है और यहां का आलू विभिन्न राज्यों में भेजा जाता रहा है, लेकिन वर्तमान में दामों में गिरावट से किसानों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल सिंह यादव ने भी चिंता जताते हुए कहा कि किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य नहीं मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति लगातार खराब हो रही है।
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