इटावा , मई 9 -- उत्तर प्रदेश के इटावा मुख्यालय स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर राजकीय संयुक्त चिकित्सालय के महिला अस्पताल में स्ट्रेचर पर आवारा कुत्ते के आराम करने का कथित वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। घटना ने अस्पताल की स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था और स्वास्थ्य कर्मियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर राजकीय संयुक्त चिकित्सालय के महिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. अनिल कुमार ने मामले का संज्ञान लेते हुए कहा कि वीडियो की जांच कराई जा रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आई है। उन्होंने बताया कि ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों को चेतावनी दी गई है और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में महिला अस्पताल के वार्ड के बाहर रखे एक स्ट्रेचर पर सफेद चादर बिछी दिखाई दे रही है, जिस पर एक काला कुत्ता आराम फरमाता नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो शुक्रवार देर रात करीब एक बजे का है, जिसे किसी मरीज के तीमारदार ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।

वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी व्याप्त है। लोगों का कहना है कि अस्पताल में मरीजों को समय पर स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं हो पाता, जबकि आवारा कुत्ते उन्हीं स्ट्रेचरों पर आराम करते दिखाई दे रहे हैं। इससे अस्पताल प्रशासन की लापरवाही उजागर होती है और मरीजों में संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन स्ट्रेचर देने के लिए तीमारदारों से आधार कार्ड तक जमा कराता है, लेकिन स्ट्रेचरों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पा रहा है। लोगों ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर महिला वार्ड और इमरजेंसी क्षेत्र में तैनात सुरक्षा कर्मी उस समय कहां थे, जब आवारा कुत्ता स्ट्रेचर तक पहुंच गया।

समाजवादी पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के सचिव गोपाल यादव ने भी घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अस्पताल की यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और इससे मरीजों में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की।

गौरतलब है कि अस्पताल की साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन अब वायरल वीडियो ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर नए सिरे से सवाल खड़े कर दिए हैं।

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