बेरूत/यरुशलम , जून 04 -- इज़रायल और लेबनान पूर्ण युद्धविराम लागू करने के लिए एक सशर्त ढांचे पर सहमत हो गये हैं। अमेरिका, इज़रायल और लेबनान द्वारा जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि यह युद्धविराम हिज्बुल्ला द्वारा हमले बंद करने और लितानी नदी के दक्षिणी क्षेत्रों से अपने लड़ाकों को हटाने की शर्त पर आधारित होगा।
हिज्बुल्ला पहले ही पूर्ण युद्धविराम के लिए सहमति जता चुका है, लेकिन इस बात को लेकर संदेह बना हुआ है कि वह इज़रायल और लेबनान सरकारों के बीच तय शर्तों को औपचारिक रूप से स्वीकार करेगा या नहीं। इस समझौते को क्षेत्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि ईरान लंबे समय से अमेरिका के साथ चल रही वार्ताओं में लेबनान में संघर्ष विराम को प्रमुख शर्तों में शामिल करता रहा है।
यह प्रगति ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कथित तौर पर सोमवार को इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू पर बेरूत पर बड़े पैमाने पर हमले की योजना छोड़ने के लिए दबाव डाला था। इसके बाद श्री ट्रंप ने आंशिक युद्धविराम की घोषणा की थी, जिसके तहत इज़रायल ने बेरूत पर हमला नहीं करने और हिज्बुल्ला ने सीमा क्षेत्रों में हमले रोकने पर सहमति जताई थी, हालांकि घोषणा के बावजूद पिछले 48 घंटों में हिज्बुल्ला ने इज़रायल के भीतर कई ड्रोन हमले किये।
नया समझौता अमेरिकी विदेश विभाग में दो दिनों तक चली वार्ता के बाद सामने आया, जहां अमेरिकी अधिकारियों ने इज़रायली और लेबनानी प्रतिनिधियों के बीच प्रत्यक्ष बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभाई। समझौते के तहत दक्षिणी लेबनान में कुछ "पायलट जोन" स्थापित किये जायेंगे, जहां लेबनानी सशस्त्र बल सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी संभालेंगे और हिज्बुल्ला की किसी भी गतिविधि को रोकेंगे। इसके बदले इज़रायली सेना (आईडीएफ) निर्धारित क्षेत्रों से अपनी सैन्य उपस्थिति वापस लेगी।
संयुक्त बयान में कहा गया कि ये कदम व्यापक शांति और सुरक्षा समझौते की दिशा में प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेंगे। बयान में यह भी कहा गया कि इज़रायल और लेबनान के बीच संबंधों से जुड़े फैसले दोनों देशों की संप्रभु सरकारों द्वारा ही लिए जाएंगे और किसी भी बाहरी राज्य या गैर-राज्य तत्व को बल या दबाव के जरिए लेबनान के भविष्य को प्रभावित करने की अनुमति नहीं दी जायेगी।
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