यरुशलम , अक्टूबर 27 -- इजरायल में संसदीय चुनाव के दौरान मतपत्रों को हटाने, खराब करने या उलटकर रखने की शिकायतों के बीच गादी आइजेनकोट की याशर पार्टी ने केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) में तत्काल शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी ने आरोप लगाया कि देशभर के मतदान केंद्रों पर इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं।

पार्टी ने मंगलवार को चुनाव के दौरान चुनाव समिति को लिखे पत्र में कहा कि घटनाओं की बड़ी संख्या से संदेह पैदा होता है कि ये अलग-अलग चूक नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करने, नागरिकों को मतदान के अधिकार से वंचित करने और चुनाव परिणामों को प्रभावित करने का सुनियोजित प्रयास हो सकता है। पार्टी ने चुनाव समिति से तत्काल हस्तक्षेप करने, मतदान केंद्रों का नियमित निरीक्षण कराने और गायब मतपत्रों की भरपाई करने की मांग की।

केंद्रीय चुनाव समिति ने इसके जवाब में कहा कि मतपत्रों से व्यवस्थित रूप से छेड़छाड़ किए जाने का कोई प्रमाण नहीं है। समिति के अनुसार, अलग-अलग शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उसने लोगों से अपील की कि वे चुनाव संबंधी जानकारी के लिए उसके आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करें।

याशर के अलावा नफ्ताली बेनेट की बीयाखद पार्टी, ओफर विंटर की पीपुल ऑफ इजरायल, एविग्दोर लिबरमैन की यिसरायल बेतेनु, मंसूर अब्बास की राम और योआज हेंडेल की रिजर्विस्ट्स-इकोनॉमिक पार्टी ने भी मतदान केंद्रों पर कथित अनियमितताओं की शिकायतें की हैं। इनमें मतपत्रों का गायब होना, उन्हें खराब करना और मतदान में हस्तक्षेप की आशंका से जुड़ी घटनाएं शामिल हैं।

केंद्रीय चुनाव समिति के अनुसार, दोपहर 12 बजे तक 31.5 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि 2022 के चुनाव में इसी समय तक 28.4 प्रतिशत मतदान हुआ था। समिति के मुताबिक, 1973 के बाद इस समय तक दर्ज यह सबसे अधिक मतदान है। वर्ष 1973 में योम किप्पुर युद्ध के बाद पहला चुनाव हुआ था।

इजरायल में मंगलवार को 120 सदस्यीय नेसेट (संसद) के चुनाव के लिए मतदान शुरू हुआ। चुनाव में 73 लाख से अधिक मतदाता मतदान के पात्र हैं। मतदान स्थानीय समयानुसार सुबह सात बजे शुरू हुआ और रात 10 बजे तक निर्धारित है। केंद्रीय चुनाव समिति के कार्यवाहक महानिदेशक डीन लिवने ने कहा कि यदि उस समय भी मतदाता कतार में खड़े होंगे, तो मतदान केंद्र खुले रहेंगे।

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