तेल अवीव , मई 04 -- इजरायल को कुछ ही हफ्तों के भीतर अपने नये बोइंग केसी-46 पेगासस टैंकर विमानों की पहली खेप मिलने वाली है। यह इजरायल की लंबी दूरी तक मार करने वाली क्षमताओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इजरायल के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, विमान ने अमेरिका में अपनी पहली परीक्षण उड़ान पूरी कर ली है और लगभग एक महीने में इसकी डिलीवरी होने की उम्मीद है। यह सैन्य आधुनिकीकरण के व्यापक कार्यक्रम के तहत ऑर्डर किये गये कम से कम छह टैंकर विमानों में से पहला है।
इजरायल में 'गिदोन' के नाम से पहचाने जाने वाले केसी-46 के आने से इजरायली वायुसेना की लंबी दूरी की परिचालन पद्धति में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है। ईरान और यमन जैसे लक्ष्य इजरायल से 1,500 से 2,000 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं और ऐसे में हवा में ईंधन भरना लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रहा है।
अब तक इजरायल के पास ईंधन भरने की क्षमता तो थी, लेकिन वह तुलनात्मक रूप से छोटे पैमाने पर थी। इसका अर्थ था कि मिशन के लिए समय की कमी, लक्ष्यों के सीमित विकल्प और अभियान के बीच में कोई गड़बड़ी होने पर लचीलेपन का अभाव था।
नया विमान इस समीकरण को बदल देगा। यह एफ-35, एफ-15 और एफ -16 जैसे इजरायली लड़ाकू विमानों को अधिक समय तक हवा में रहने, दुश्मन के इलाके में काफी अंदर तक हमला करने और अमेरिकी सहायता के बिना भी अधिक स्वायत्तता के साथ काम करने में सक्षम बनायेगा।
इजरायली रणनीतिकारों के लिए यह स्वायत्तता एक मुख्य चिंता रही है। यद्यपि ईरान के खिलाफ हालिया अभियानों में कुछ हद तक अमेरिकी समर्थन मिला था, लेकिन अधिकारियों का मानना रहा है कि भविष्य में अमेरिकी प्रशासन सहायता करने के प्रति कम इच्छुक हो सकता है या फिर ऐसे हमलों का विरोध भी कर सकता है।
केसी-46 की उड़ान क्षमता 16 घंटे तक की है, जिसे अतिरिक्त रिफ्यूलिंग के साथ 24 घंटे तक बढ़ाया जा सकता है। यह विमान परिचालन संबंधी बाधाओं को दूर करने का विकल्प प्रदान करता है। इसके आधुनिक एवियोनिक्स और ग्लास कॉकपिट भी जटिल मिशनों के दौरान पायलटों को स्थिति की बेहतर समझ प्रदान करते हैं।
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