बेरूत , मार्च 03 -- लेबनान में हिज्बुल्लाह ने साफ कर दिया है कि उसके खिलाफ इजरायली हमले का लगातार जारी रहने के बाद समूह के पास अब जंग के अलावा कोई विकल्प नहीं है।

हिज्बुल्लाह की राजनीतिक परिषद के उप प्रमुख महमूद कोमाती ने लेबनान की जनता को दिये अपने एक बयान में कहा कि हिज्बुल्लाह ने महीनों तक इस उम्मीद में संयम बरता कि लेबनानी सरकार की कूटनीतिक कोशिशों से दुश्मनी खत्म हो जाएगी। इजरायली सेना वापस चली जाएगी और उल्लंघन रुक जाएगा।

श्री कोमाती ने कहा, "हमने कहा कि सब्र की कोई सीमा होती है।" उन्होंने कहा कि समूह ने युद्धविराम समझौते का पालन किया था और लिटानी नदी के दक्षिण में अपने हथियार सौंप दिए थे लेकिन इजरायल ने अपने हमले जारी रखे, जबकि सरकार इलाकों को हासिल करने से जुड़े फायदे या कैदियों के बारे में कोई भी लाभ लेने में नाकाम रही।

श्री कोमाती ने कहा, "अगर दुश्मन चाहता है कि यह एक खुली लड़ाई हो, तो इसे एक खुली लड़ाई ही रहने दें।" उन्होंने चेतावनी दी कि हिज्बुल्लाह का हालिया जवाब 'प्रतीकात्मक' नहीं रहेगा।"लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने क्विंटेट कमेटी के सदस्यों से लेबनान पर अपने हमले रोकने के लिए इजरायल पर दबाव बढ़ाने की अपील की और इस बात की पुष्टि की कि युद्ध और शांति के फैसलों का अधिकार सिर्फ लेबनानी सरकार के पास है।

गौरतलब है कि यह घटनाक्रम लेबनान-इजरायली सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच हुआ है, जबकि नवंबर 2024 में अमेरिका और फ्रांस की मध्यस्थता से युद्धविराम लागू हुआ था।

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