तेल अवीव , अगस्त 03 -- इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ और देश की सेना के बीच बड़ा विवाद सामने आया है और सेना ने उनके आदेश को मानने से इंकार कर दिया है।

श्री काट्ज़ ने एक टीवी साक्षात्कार में कहा कि उन्होंने सेना की सेंट्रल कमांड के प्रमुख मेजर जनरल अवी ब्लुथ को उनके पद से हटाने का फैसला किया है लेकिन इस घोषणा के तुरंत बाद सेना ने कड़ा रुख अपनाते हुए एक बयान जारी कर दिया कि मेजर जनरल ब्लुथ अपने पद पर बने रहेंगे।

श्री काट्ज़ ने श्री ब्लुथ पर एक हिंसक यहूदी सेटलर के मामले में सरकार की नीतियों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने सैन्य निदेशालय के प्रमुख मेजर जनरल दाडो बार खलीफा को श्री ब्लुथ की जगह नया सेंट्रल कमांड प्रमुख बनाने का फैसला किया है। हालांकि सेना ने स्पष्ट किया कि रक्षा मंत्री के पास किसी वरिष्ठ कमांडर को अकेले अपने दम पर बर्खास्त करने का कोई अधिकार नहीं है।

श्री काट्ज़ ने कहा कि उन्होंने 36वीं डिवीजन के पूर्व कमांडर मेजर जनरल दाडो बार खलीफा को सेंट्रल कमांड का नया प्रमुख बनाने का फैसला किया है। उन्होंने यह भी कहा कि सेना प्रमुख ने भी उनके नाम की सिफारिश की थी।

श्री काट्ज़ ने कहा, "उत्तर, दक्षिण और केंद्र-हर जगह मैं एक ऐसी सेना चाहता हूँ जो पक्की जीत हासिल करे, दुश्मनों को करारा जवाब दे और बस्तियों में रहने वाले लोगों की रक्षा करे... कोई भी सरकार को उस नीति को बदलने के लिए मजबूर नहीं कर सकता जिसे प्रधानमंत्री कैबिनेट में लेकर आए थे और जिसे सभी की सहमति से मंजूरी मिली थी।"रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने आरोप लगाया कि सेना के सेंट्रल कमांड प्रमुख मेजर जनरल अवी ब्लुथ ने उनके आदेशों का पालन नहीं किया। काट्ज़ का कहना है कि ब्लुथ ने ताल यिनोन डारडिक के खिलाफ प्रतिबंध जारी रखने की कोशिश की, जिस पर वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों पर हमले का आरोप है।

श्री काट्ज़ ने कहा कि सेना के अधिकारियों को सरकार की नीति के अनुसार काम करना होगा और सैन्य मामलों में जरूरी फैसलों पर उनका अधिकार है। उनके इस बयान के बाद इज़राइल में राजनीतिक विवाद शुरू हो गया। विपक्ष ने इसकी आलोचना की, जबकि दक्षिणपंथी नेताओं और समूहों ने इसका समर्थन किया।

डारडिक पर मार्च में वेस्ट बैंक के खिरबेत हुमसा गांव में एक फिलिस्तीनी नागरिक पर हमला करने का आरोप है। वह इन आरोपों को नकारता है। उसके खिलाफ एक प्रशासनिक प्रतिबंध लगाया गया था, जिसके तहत उसे अपने फार्मिंग आउटपोस्ट पर लौटने से रोका गया था। नियम तोड़ने के आरोप में उसे हिरासत में लिया गया और वह कई हफ्तों से भूख हड़ताल पर है। जुलाई के अंत में रक्षा मंत्री काट्ज़ ने जेल में जाकर उससे मुलाकात भी की थी।

यह मामला इज़राइल के कट्टर दक्षिणपंथी समूहों और कुछ नेताओं के लिए बड़ा मुद्दा बन गया है, जो डारडिक की रिहाई की मांग कर रहे हैं।

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