पटना , अगस्त 25 -- िहार में प्राकृतिक खूबसूरती, वन्यजीव, रोमांच और आधुनिक सुविधाओं से सजे इको-टूरिज्म केंद्र पर्यटकों को तेजी से आकर्षित कर रहे हैं। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा विकसित इन इको-टूरिज्म केंद्रों पर पर्यटकों की संख्या में महज दो वर्षों में करीब 35.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2022-23 में जहां पूरे बिहार के इको-टूरिज्म केंद्रों पर 55,20,156 पर्यटक पहुंचे थे, वहीं 2024-25 में यह संख्या बढ़कर 74,90,847 हो गई। यानी पर्यटकों की संख्या करीब 1.36 गुना हो गई।

इको-टूरिज्म की बढ़ती लोकप्रियता का सबसे प्रमुख उदाहरण राजगीर नेचर सफारी है। वर्ष 2022-23 में यहां करीब 1.59 लाख पर्यटक पहुंचे थे, जबकि 2024-25 में यह संख्या बढ़कर लगभग 3 लाख हो गई। यानी दो वर्षों में पर्यटकों की संख्या करीब 1.89 गुना हो गई।

राजगीर की पहाड़ियों और हरियाली के बीच विकसित नेचर सफारी में प्रकृति के साथ रोमांच का अनूठा संगम देखने को मिलता है। ग्लास स्काईवॉक, जिपलाइन, स्काई साइकिलिंग और सस्पेंशन ब्रिज जैसे आकर्षण पर्यटकों को खासा लुभा रहे हैं। इसके अलावा आर्चरी, राइफल शूटिंग, ट्रैंपोलिन और वॉल क्लाइंबिंग जैसी गतिविधियां इसे परिवारों, बच्चों और युवाओं के लिए भी खास बनाती हैं।

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