बेंगलुरु , अक्टबूर 23 -- देश की अग्रणी सूचना एवं प्रसारण कंपनी इंफोसिस को चालू वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 7,823 करोड़ रुपये का समेकित शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ है जो एक साल पहले की तुलना में 6.2 प्रतिशत अधिक है।

कंपनी के निदेशकमंडल की शुक्रवार को हुई बैठक के बाद वित्तीय परिणामों की घोषणा की गई। आंकड़ों के अनुसार, दूसरी तिमाही में इंफोसिस का राजस्व 10.7 फीसदी की वृद्धि के साथ 49,244 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

निदेशकमंडल ने प्रति शेयर 26 रुपये के अंतरिम लाभांश के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। अंतरिम लाभांश का भुगतान 11 नवंबर को किया जाएगा। इसके लिए 03 नवंबर की शेयरधारिता को आधार बनाया जाएगा।

आलोच्य तिमाही में डॉलर में कंपनी का राजस्व 1.3 फीसदी सालाना बढ़कर 514.5 करोड़ डॉलर हो गया। इस दौरान उसका शुद्ध लाभ घटकर 81.7 करोड़ डॉलर रहा। यह एक साल पहले के 83.9 करोड़ डॉलर से 2.5 प्रतिशत कम है।

कंपनी के राजस्व में उत्तरी अमेरिका की हिस्सेदारी एक साल में 56.3 प्रतिशत से घटकर 54.6 प्रतिशत रह गई। यूरोप की हिस्सेदारी 31.7 फीसदी से बढ़कर 32.5 फीसदी और भारत की 3.1 फीसदी से घटकर 2.8 फीसदी हो गई।

कंपनी की मुख्य आय (28 फीसदी) वित्तीय सेवाओं के वर्टिकल से रही। विनिर्माण वर्टिकल से 16 फीसदी, ऊर्जा, यूटिलिटी, संसाधन एवं सेवाओं के वर्टिकल से 14.2 फीसदी और रिटेल वर्टिकल से 11.5 फीसदी आय कंपनी को प्राप्त हुई। संचार वर्टिकल का योगदान 12.5 फीसदी रहा।

एक साल में कंपनी के कर्मचारियों की संख्या 3,31,991 से बढ़कर 3,32,542 हो गई। इसमें सॉफ्टवेयर पेशेवरों की संख्या महज आठ बढ़कर 3,14,508 हुई।

इंफोसिस के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सलिल पारेख ने कहा कि दूसरी तिमाही में कंपनी को 5.2 अरब डॉलर के बड़े और मजबूत सौदे प्राप्त हुए जिनमें दो अरब डॉलर से अधिक का एक "मेगा" सौदा भी शामिल है। कंपनी का एआई राजस्व 10.5 प्रतिशत रहा और इसमें तिमाही-दर-तिमाही 29 प्रतिशत की वृद्धि हुई। जैसे-जैसे कंपनियां बड़े पैमाने पर एआई को अपना रही हैं, एआई राजस्व में यह मजबूत वृद्धि बाजार में कंपनी की विशेष स्थिति और क्लाइंट के भरोसे को दर्शाती है।

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