हैदराबाद , जुलाई 26 -- हैदराबाद पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार ने रविवार को आम जनता को सरकार की 'इंदिरम्मा टावर्स आवास योजना' के नाम पर की जा रही साइबर धोखाधड़ी के प्रति आगाह किया।
उन्होंने आवेदकों से 10,000 रुपये की अग्रिम जमा राशि (ईएमडी) का भुगतान शुरू होने के मद्देनजर सावधान रहने की अपील की है।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि साइबर अपराधी पैसों के बदले मकान आवंटित कराने का दावा करते हुए फर्जी फोन कॉल, धोखाधड़ी वाली वेबसाइटों, अनजान लिंक और भ्रामक संदेशों के जरिये लाभार्थियों को ठगने का प्रयास कर सकते हैं।
चयन प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी बताते हुए श्री सज्जनार ने कहा कि इस योजना में दलालों या बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने आवेदकों को आश्वासन दिया कि अग्रिम जमा राशि पूरी तरह सुरक्षित है और यदि मकान आवंटित नहीं होता है, तो यह राशि सीधे आवेदक के मूल बैंक खाते में वापस कर दी जायेगी।
उन्होंने लोगों को 'पैसे दो और हम आपको मकान की गारंटी देंगे' जैसे दावों या 'तुरंत भुगतान न करने पर आपका आवंटन रद्द कर दिया जायेगा' जैसी धमकियों पर विश्वास न करने की चेतावनी दी। उन्होंने इन हथकंडों को घबराहट पैदा करने के लिए जालसाजों के इस्तेमाल किया जाने वाला सामान्य तरीका बताया।
पुलिस आयुक्त ने नागरिकों को ह्वाट्सऐप या एसएमएस से प्राप्त अनजान लिंक पर क्लिक न करने या कोई भी एपीके फाइल इंस्टॉल न करने की सलाह दी, क्योंकि इससे उनके मोबाइल फोन और बैंक खाते हैक हो सकते हैं।
उन्होंने आगाह किया कि साइबर अपराधी फर्जी सरकारी वेबसाइटें बना सकते हैं या बैंकिंग जानकारी हासिल करने के लिए पीड़ितों को एनीडेस्क या टीमव्यूअर जैसे स्क्रीन-शेयरिंग एप्लिकेशन डाउनलोड करने के लिए उकसा सकते हैं।
श्री सज्जनार ने लाभार्थियों को ध्यान दिलाया कि यूपीआई पिन की आवश्यकता केवल भुगतान के लिए होती है, रिफंड प्राप्त करने के लिए कभी नहीं। उन्होंने लोगों से किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी संवेदनशील जानकारी, बैंक खाते का विवरण या वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) साझा न करने का भी आग्रह किया।
इंदिरम्मा टावर्स योजना के संबंध में किसी भी प्रकार के स्पष्टीकरण के लिए आवेदक सरकारी हेल्पलाइन नंबर 040-24603572 पर संपर्क कर सकते हैं। वहीं, साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने वाले लोगों को तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करना चाहिए या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि अधिकारी चुरायी गयी राशि को जल्द से जल्द फ्रीज कर सकें।
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