विजयवाड़ा , फरवरी 18 -- आंध्र प्रदेश विधान परिषद में 'इंदापुर डेयरी' मुद्दे को लेकर बुधवार को लगातार दूसरे दिन हंगामा हुआ।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के सदस्यों ने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी ) को इंदापुर डेयरी के घी आपूर्ति करने के आरोपों पर चर्चा की मांग करते हुए जमकर हंगामा किया, जिसके कारण कोई काम नहीं हो सका।

वाईएसआर कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य हाथों में प्लेकार्ड और बैनर लेकर सदन में घुस गए और कार्यवाही में रुकावट डाली।इस दौरान मंत्रियों ने वाईएसआरसीपी सदस्यों के व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई, जिससे सदन की कार्यवाही में बार-बार रुकावट आयीं। कोई काम न होने पर विधानसभा अध्यक्ष ने सदन को दिन भर के लिए स्थगित कर दी।

बुधवार को जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई वाईएसआरसीपी के सदस्य एक साथ पहुंचे और घी आपूर्ति के मुद्दे पर चर्चा की अपनी मांग दोहरायी। विधान परिषद में चर्चा के बीच वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के सदस्य रमेश यादव, आर जे भारत और एस सुब्रमण्यम ने 'इंदापुर डेयरी' ब्रांड के तहत टीटीडी को हेरिटेज घी की आपूर्ति करने के मुद्दे पर बहस की मांग करते हुए स्थगन प्रस्ताव रखा।

विधान परिषद अध्यक्ष ने प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इसी तरह एमएलसी बल्ले कल्याण चक्रवर्ती का एक और स्थगन प्रस्तान को भी खारिज कर दिया गया। इसमें उन्होंने तिरुमाला कल्टी लड्डू पर चर्चा की मांग की थी। परिषद के नियमों के मुताबिक प्रश्नकाल की कार्यवाही जारी रही, लेकिन वाईएसआरसीपी के सदस्य अपने स्थगत प्रस्ताव पर चर्चा कराने की मांग पर अड़े रहे। उन्होंने प्लेकार्ड लेकर और पोडियम से नारे लगाये।

राज्य की गृहमंत्री वी अनिता ने वाईएसआरसीपी के सदस्यों के बर्ताव की निंदा की और उन पर राजनीतिक मकसद के लिए धार्मिक भावनाओं का फायदा उठाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके कामों से भक्तों की भावनाएं आहत हो रही हैं और मंदिर की पवित्रता का अपमान हो रहा है। तिरुमाला घी विवाद का ज़िक्र करते हुए उन्होंने बताया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के आरोपपत्र में साफ तौर पर गड़बड़ियां दिख रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस धोखाधड़ी में पहाड़ी मंदिर तिरुमाला के पवित्र लड्डू प्रसादम को तैयार करने के लिए मिलावटी घी की आपूर्ति और 240 करोड़ रुपये की हेराफेरी शामिल थी। उन्होंने धार्मिक संसाधनों के गलत इस्तेमाल पर गुस्सा जताया। जब सदस्यों ने अपना विरोध जारी रखा और पोडियम खाली करने से मना कर दिया, तो अध्यक्ष ने कुछ समय के लिए सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया। इसके बाद भी जब वाईएसआरसीपी के सदस्य अपनी सीटों पर नहीं लौटे और प्लेकार्ड लेकर सदन में रुकावट डालते रहे, तो परिषद के अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी।

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