नयी दिल्ली , जुलाई 07 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया यात्रा के दौरान घोषणा की है कि भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) बेंगलुरु अपना पहला परिसर इंडोनेशिया में स्थापित करेगा।
शिक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि श्री मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के साथ संयुक्त प्रेस बयान में इंडोनेशिया में आईआईएम बेंगलुरु का परिसर स्थापित करने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि इस परिसर से पूरे आसियान क्षेत्र के युवाओं को बहुत फायदा होगा। प्रस्तावित परिसर इंडोनेशिया के मलंग में सिंघासारी स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (एसईजेड) में बनाया जाएगा और यह देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था के वैश्वीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री की इस घोषणा के साथ देश के प्रमुख शिक्षण संस्थानों के वैश्विक विस्तार को नई गति मिली है। इससे पहले आईआईएम अहमदाबाद ने दुबई, आईआईटी दिल्ली ने अबू धाबी और आईआईटी मद्रास ने ज़ांज़ीबार में अपने अंतरराष्ट्रीय परिसर स्थापित किये हैं।
मंत्रालय के अनुसार, इंडोनेशिया में आईआईएम बेंगलुरु का यह पहला विदेशी परिसर भारत और इंडोनेशिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा। यह पहल दोनों देशों के बीच शैक्षणिक सहयोग, मानव संसाधन विकास और ज्ञान साझेदारी को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
यह परियोजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उस लक्ष्य को भी आगे बढ़ाती है, जिसके तहत भारत के शीर्ष शिक्षण संस्थानों को वैश्विक स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने और विश्वस्तरीय शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
आईआईएम बेंगलुरु की योजना के तहत इस परिसर का संचालन दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में वरिष्ठ अधिकारियों, उद्योग जगत के नेताओं और सार्वजनिक क्षेत्र के पेशेवरों के लिए उच्च गुणवत्ता वाले एग्जीक्यूटिव एजुकेशन प्रोग्राम शुरू किये जाएंगे। यदि शुरुआती दो वर्षों में पहला चरण सफल रहता है, तो दूसरे चरण में नियमित डिग्री प्रदान करने वाले प्रबंधन पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।
सरकार का मानना है कि यह पहल भारत और इंडोनेशिया के दशकों पुराने संबंधों को और मजबूत करेगी तथा इंडोनेशिया को गुणवत्तापूर्ण प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्रीय केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी।
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