यमुनानगर , अक्टूबर 25 -- इंडिया गठबंधन की एक नवंबर को दिल्ली में होने वाली रैली को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने संयुक्त बैठक कर तैयारियां तेज कर दी हैं।

भाकपा सचिव हरभजन सिंह संधू और माकपा सचिव प्यारे लाल तंवर की अध्यक्षता में रविवार को हुई बैठक में वामपंथी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और गिरफ्तार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली रैली में यह प्रमुख मांग रहेगी।

नेताओं ने कहा कि राष्ट्रव्यापी 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान समय की जरूरत है। इसको लेकर कांग्रेस नेतृत्व के साथ भी तालमेल किया जा रहा है। जिले में रैली की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों की पहचान कर लोगों को मताधिकार के प्रति जागरूक करें।

वामपंथी नेताओं ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया स्वतंत्र और निष्पक्ष होनी चाहिए। जब तक ज्ञानेश कुमार पद पर बने रहेंगे, निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद नहीं की जा सकती।

वरिष्ठ भाकपा नेता धर्मपाल चौहान और माकपा नेता महिपाल चमरोड़ी ने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव न होना संविधान पर हमला है। उन्होंने सभी धर्मनिरपेक्ष ताकतों से मतदाताओं के अधिकारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं के बचाव के लिए आगे आने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव लोकतंत्र की आधारशिला है और इस पर हो रहा हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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