जोधपुर , मई 08 -- केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा है कि इटली के ऐतिहासिक शहर वेनिस में आयोजित विश्व प्रसिद्ध कंटेंपरेरी आर्ट्स महाकुंभ 'ला बिएनाले' में भारत की दमदार मौजूदगी ने न केवल दुनिया का ध्यान खींचा बल्कि भारतीय कला को 'लोकल से ग्लोबल' बनाने की दिशा में निर्णायक कदम साबित हुई।
श्री शेखावत शुक्रवार को यहां हवाई अड्डे पर मीडिया से बातचीत में कहा कि भारतीय कलाकारों द्वारा 'इंडिया पवेलियन' में प्रस्तुत कला ने अंतरराष्ट्रीय दर्शकों, कला समीक्षकों और निवेशकों को गहराई से प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत, रचनात्मक क्षमता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के कारण आने वाले समय में दुनिया भर के बड़े कला निवेशक भारत की ओर आकर्षित होंगे।
उन्होंने कहा कि 125 वर्षों से अधिक पुराना यह वैश्विक कला आयोजन लंबे समय तक भारत की गंभीर भागीदारी से वंचित रहा। पहले भारत की उपस्थिति केवल औपचारिक और सीमित स्तर तक सिमटी रहती थी लेकिन श्री मोदी की स्पष्ट सोच थी कि भारत को इस मंच पर प्रभावशाली तरीके से अपनी सांस्कृतिक पहचान दर्ज करानी चाहिए।
श्री शेखावत ने कहा कि भारत सरकार ने इस बार पूरी तैयारी और रणनीति के साथ भागीदारी की। उन्होंने बताया कि उद्घाटन के दौरान सरकार के साथ नीता मुकेश अंबानी कल्चर सेंटर, और सेरेंडिपिटी आर्ट्स जैसे प्रमुख सांस्कृतिक संस्थान भी साझेदार बने। उन्होंने कहा कि भारतीय कला की प्रस्तुति को जिस तरह वैश्विक सराहना मिली, उसने यह साबित कर दिया कि भारत अब केवल संस्कृति का उपभोक्ता नहीं, अपितु वैश्विक सांस्कृतिक विमर्श का नेतृत्व करने की क्षमता रखता है।
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