कोलकाता , जून 08 -- पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं ने सोमवार को विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन की प्रासंगिकता पर सवाल उठाए और हालिया विधानसभा चुनावों में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (तृणमूल ) के भीतर बढ़ती उथल-पुथल का ज़िक्र किया।

भाजपा के पूर्व प्रदेश पूर्व अध्यक्ष एवं राज्य के पशु संसाधन विकास मंत्री दिलीप घोष ने सोमवार को राज्य में कांग्रेस और तृणमूल के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का हवाला देते हुए 'इंडिया' गठबंधन को "अस्तित्वहीन" करार दिया।

श्री घोष ने यहां संवाददाताओं से बात करते हुए दावा किया कि चुनावी हार के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को विपक्षी गठबंधन की बैठकों में शामिल होने के लिए "मजबूर" होना पड़ा। उन्होंने कहा, "यह गठबंधन अस्तित्व में ही नहीं है। सुश्री बनर्जी पहले कभी इसकी किसी बैठक में शामिल नहीं होती थीं, लेकिन अब उन्हें मजबूरन ऐसा करना पड़ रहा है। उनकी अपनी पार्टी के विधायक और सांसद उनके साथ नहीं हैं। कोई भी विधायक, सांसद या पार्षद सक्रिय नहीं है। कई तो अपने दफ्तर भी नहीं जा रहे हैं। सत्ता गंवाने के बाद तृणमूल कांग्रेस का यही हाल है।"उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के कई नेता जनता की नज़र और कानूनी कार्रवाई से बचने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "कुछ लोग बिस्तरों के नीचे छिप रहे हैं, कुछ कपड़ों के ढेर के नीचे, तो कुछ बंगलादेश भागने की कोशिश कर रहे हैं। जब उनकी अपनी पार्टी ही उनके साथ नहीं है, तो और कौन उनके साथ खड़ा होगा?"भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद समिक भट्टाचार्य ने भी नयी दिल्ली में निर्धारित बैठक से पहले विपक्षी गठबंधन पर कटाक्ष किया। उन्होंने गठबंधन की एकता को संदिग्ध बताते हुए पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और तृणमूल के बीच चुनावी मुकाबले की ओर इशारा किया।

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