चेन्नई , जनवरी 10 -- इंडिया एनर्जी वीक (आईईडब्ल्यू) का आयोजन 2026 वर्ष के पहली प्रमुख अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बैठक के रूप में 27 से 30 जनवरी तक गोवा में होगा।
यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब वैश्विक ऊर्जा बाजार, भू-राजनीति और जलवायु कार्रवाई निर्णायक मोड़ पर हैं। इसमें 120 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और 6,500 से ज्यादा सम्मेलन प्रतिनिधि भाग लेंगे।
सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया कि आईईडब्ल्यू-2026 का सम्मेलन कार्यक्रम इस आयोजन का मुख्य केंद्र है। रणनीतिक सम्मेलन और तकनीकी सम्मेलन के माध्यम से यह वैश्विक ऊर्जा सम्मेलन संवाद, नीति समन्वय और तकनीकी आदान-प्रदान के लिए एक सुव्यवस्थित मंच प्रदान करेगा।
आईईडब्ल्यू-2026 का रणनीतिक सम्मेलन दुनिया भर के देशों के वरिष्ठ सरकारी प्रतिनिधियों, नीति-निर्माताओं, सीईओ और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों को वैश्विक ऊर्जा प्रणाली के सामने मौजूद प्रमुख चुनौतियों पर उच्चस्तरीय संवाद के लिए एकत्र करेगा। इस कार्यक्रम में चार दिनों के दौरान 65 उच्चस्तरीय सत्रों में 300 वरिष्ठ वक्ता हिस्सा लेंगे, जिनमें मंत्रिस्तरीय, नेतृत्व और नीति संबंधी चर्चाएं शामिल होंगी।
रणनीतिक सम्मेलन में प्रमुख ऊर्जा उत्पादक और उपभोक्ता देशों के ऊर्जा मंत्री, अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा संस्थानों के नेता और वैश्विक ऊर्जा कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शामिल होंगे।
इसमें केंद्र सरकार के वरिष्ठ प्रतिनिधि, अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका और मध्य पूर्व के ऊर्जा मंत्रालयों के अधिकारी, वैश्विक ऊर्जा शासन को आकार देने वाले बहुपक्षीय संगठन तथा हाइड्रोकार्बन, नवीकरणीय ऊर्जा और उभरती स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों से जुड़े अंतरराष्ट्रीय उद्योग नेता भाग लेंगे।
वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन के प्रमुख पहलुओं को संबोधित करने वाले दस रणनीतिक विषयों पर चर्चा केंद्रित होंगी। इनमें ऊर्जा सुरक्षा और लचीलापन, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, निवेश जुटाना, डीकार्बनाइजेशन के मार्ग, डिजिटलाइजेशन, कार्यबल विकास और ऊर्जा समानता शामिल हैं। सत्रों में वैश्विक ऊर्जा कूटनीति में भारत की बढ़ती भूमिका और विकास, वहनीयता तथा स्थिरता के बीच संतुलन के उसके दृष्टिकोण पर भी विचार किया जाएगा।
रणनीतिक सम्मेलन का उद्देश्य मौजूदा भू-राजनीतिक माहौल में नीति स्पष्टता प्रदान करना, अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना और सरकारों, उद्योग तथा वित्तीय संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना है।
नेतृत्व स्तर की चर्चाओं के पूरक के रूप में आईईडब्ल्यू 2026 का तकनीकी सम्मेलन समाधान-केंद्रित कार्यक्रम प्रस्तुत करेगा। इसमें ऊर्जा क्षेत्र की पूरी मूल्य श्रृंखला को कवर करने वाली 15 तकनीकी श्रेणियों के तहत 45 विशेष सत्रों में 250 तकनीकी विशेषज्ञ भाग लेंगे।
कार्यक्रम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल परिवर्तन, हाइड्रोकार्बन, हाइड्रोजन, बायोफ्यूल, कार्बन कैप्चर, स्वच्छ कुकिंग, भविष्य की गतिशीलता, एलएनजी, बिजली प्रणालियां, रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स, यूटिलिटीज और ग्रिड अवसंरचना जैसे विषय शामिल हैं। सत्रों का फोकस परिचालन उत्कृष्टता, तकनीकी तत्परता और वास्तविक क्रियान्वयन पर रहेगा।
तकनीकी सम्मेलन इंजीनियरों, वैज्ञानिकों, ऑपरेटरों और तकनीक प्रदाताओं को ज्ञान साझा करने, सर्वोत्तम प्रथाओं पर चर्चा करने और ऊर्जा प्रणालियों के क्रियान्वयन से जुड़ी चुनौतियों का समाधान खोजने का मंच प्रदान करेगा।
रणनीतिक और तकनीकी सम्मेलन मिलकर एक एकीकृत ढांचा तैयार करते हैं, जो नीति की महत्वाकांक्षा को तकनीकी क्रियान्वयन से जोड़ता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि आईईडब्ल्यू 2026 में चर्चा किए गए वैश्विक ऊर्जा लक्ष्यों को अमल में लाने और बड़े स्तर पर लागू करने के लिए विश्वसनीय रास्ते उपलब्ध हों।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित