नयी दिल्ली , फरवरी 18 -- बिहार ने इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो में तकनीक आधारित शासन का ऐसा मॉडल पेश किया है, जिसने देशभर के नीति-निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।

राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में हॉल नंबर-5 के प्रथम तल पर बने बिहार पवेलियन में राज्य निर्वाचन आयोग और गया स्थित बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड ) के बिहार जेननेक्स्ट लैब ने यहां संयुक्त रूप से डिजिटल लोकतंत्र और स्मार्ट शासन की नयी दिशा प्रदर्शित की है।

बिहार निर्वाचन आयोग ने यहां शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए देश की पहली राज्य-स्तरीय मोबाइल आधारित रिमोट ई-वोटिंग सिस्टम की झलक प्रस्तुत की है। आयोग की ओर से यह पहल प्रवासी मतदाताओं, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और अस्पताल में भर्ती मतदाताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गयी है। एआई, फंक्शनल रिक्वायरमेंट स्पेसिफिकेशन (एफआरएस) और ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग करते हुए यह प्रणाली वोट की अपरिवर्तनीयता सुनिश्चित करती है। इससे मतदान प्रक्रिया अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बनती है। बिहार चुनाव आयोग के आयुक्त डॉ. दीपक प्रसाद ने बताया कि यह पहल लोकतांत्रिक भागीदारी को नयी ऊंचाई देने वाली है और भविष्य के चुनावों की दिशा तय कर सकती है।

इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो में बिहार का यह मॉडल केवल तकनीकी प्रदर्शन नहीं, बल्कि भविष्य के प्रशासन की झलक है। चुनाव प्रक्रिया से लेकर नीति निर्माण और जमीनी क्रियान्वयन तक हर स्तर पर डेटा और एआई का उपयोग पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही को मजबूत कर रहा है। बिहार पवेलियन ने यह संदेश दिया कि तकनीक का सही इस्तेमाल लोकतंत्र को और अधिक सहभागी, सुरक्षित और प्रभावी बना सकता है। एआई आधारित यह पहल आने वाले समय में देश के अन्य राज्यों के लिए भी मार्गदर्शक साबित हो सकती है।

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