नयी दिल्ली , जून 24 -- इंडियन रेलवे फाइनेंस कार्पोरेशन (आईआरएफसी) में अल्पांश हिस्सेदारी की बिक्री को लेकर लाए गये ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) को लेकर बुधवार को पहले दिन बाजार में जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और निवेशकों ने बिक्री के लिए प्रस्तुत संख्या के 1.86 गुना शेयरों के लिए बोलियां प्रस्तुत कीं।

गैर-खुदरा निवेशकों के लिए ओफएस बुधवार को खोला गया जबकि खुदरा निवेशक गुरुवार को बोली लगा सकेंगे। आधिकारिक जानकारी के अनुसार वित्त मंत्रालय के निवेश एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) ने इस आकर्षण को देखते हुए इस निर्गम में ग्रीन-शू विकल्प के तहत और मूल रूप से प्रस्तुत शेयरों के ही बराबर की संख्या में शेयर जारी करने का निर्णय लिया है।

सरकार ने मूल रूप से इस ओएफएस में आईआरएफसी की एक प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव रखा है, हालांकि ज्यादा बोली मिलने की स्थिति में अतिरिक्त एक प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का विकल्प भी रखा गया है। इस प्रकार सरकार अधिकतम दो प्रतिशत हिस्सेदार बेच सकती है।

रेल मंत्रालय के अधीनस्थ नवरत्न सार्वजनिक कंपनी आईआरएफसी रेलवे की परियोजनाओं का वित्त पोषण करती है। कंपनी में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 31 मार्च 2026 को 84.65 प्रतिशत थी। कंपनी का शेयर बुधवार को 91.93 रुपये पर बंद हुआ जो पिछले दिन की तुलना में 6.83 प्रतिशत (6.74 रुपये) की गिरावट दर्शाता है। मंगलवार को यह शेयर 2.16 प्रतिशत गिरकर 98.69 रुपये पर बंद हुआ था।

उल्लेखनीय है कि सरकार ने इस महीने सामान्य बीमा कंपनी जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन और इंडिया की पांच प्रतिशत, खनन कंपनी एनएलसी इंडिया की तीन प्रतिशत और एनएचपीसी इंडिया की छह प्रतिशत हिस्सेदारी ओएफएस के तहत बेची है।इससे पहले, मई में कोल इंडिया की दो प्रतिशत और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की आठ प्रतिशत हिस्सेदारी ओएफएस के जरिये बेची गयी थी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित