बारां , जून 21 -- राजस्थान में बारां जिले की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण और पर्यटन विकास के उद्देश्य से इंटेक बारां चैप्टर के तत्वावधान में 20 जून को 'बारां से शेरगढ़' विरासत यात्रा का आयोजन किया गया। यात्रा में इतिहासकार, पुरातत्वविद एवं धरोहर प्रेमी शामिल हुए। यात्रा बारां से शेरगढ़ के लिए रवाना हुई, जहां प्रतिभागियों ने शेरगढ़ दुर्ग सहित विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों का अवलोकन किया।
इस अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में इतिहासकार राकेश शर्मा ने बताया कि शेरगढ़ दुर्ग बारां जिले की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर है, जिसका सामरिक महत्व मालवा और हाड़ौती के मध्य स्थित होने के कारण रहा है।
मुख्य अतिथि बृजेश विजयवर्गीय ने कहा कि दुर्ग का उपयोग सैन्य चौकी एवं प्रशासनिक केंद्र के रूप में किया जाता था। इसकी मजबूत प्राचीरें, बुर्ज, प्रवेश द्वार और जल-संचयन व्यवस्था तत्कालीन उन्नत स्थापत्य एवं रक्षा तकनीक को दर्शाती हैं।
श्री राजेंन्द्र कुमार ने कहा कि शेरगढ़ दुर्ग राजस्थान की वीरगाथाओं, स्थापत्य कला और ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण प्रतीक है।
होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष हरिओम अग्रवाल ने कहा कि यह स्थल इतिहास प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए आकर्षण का केंद्र है, लेकिन पर्यटन विकास के लिए सरकारी प्रयासों की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में परवेज मिर्जा, दिलीप कुमार, मुकेश केवट सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
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