सिंगापुर , मई 07 -- इंटरपोल के समन्वय में 90 देशों और क्षेत्रों में चलाए गए 'ऑपरेशन पेंजिया 18' के तहत 1.55 करोड़ डॉलर मूल्य की 64.2 लाख से अधिक अवैध और नकली दवाओं को जब्त किया गया है।

इंटरपोल की ओर से गुरुवार को जारी एक बयान के अनुसार, 10 से 23 मार्च 2026 तक चले इस अभियान के दौरान अवैध दवा व्यापार में शामिल 66 आपराधिक समूहों का भंडाफोड़ किया गया और 269 लोगों को गिरफ्तार किया गया। दुनिया भर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने नकली और घटिया चिकित्सा उत्पादों को निशाना बनाते हुए 392 जांच शुरू कीं और 158 सर्च वारंट निकाले किए।

इंटरपोल के महासचिव वाल्डेसी उरक्विज़ा ने कहा, "नकली दवाएं केवल एक धोखाधड़ी नहीं हैं, बल्कि ये लोगों के जीवन को खतरे में डालती हैं। अपराधी ऑनलाइन माध्यम से उन लोगों को निशाना बनाते हैं जो त्वरित या किफायती इलाज की तलाश में होते हैं। इसके परिणाम घातक हो सकते हैं।"अभियान के दौरान इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की दवाएं, नींद की गोलियां, दर्द निवारक, एंटीबायोटिक्स और धूम्रपान रोधी उत्पाद सबसे अधिक मात्रा में जब्त किए गए। इसके अलावा, डिजिटल कार्रवाई के तहत दवाओं की अवैध बिक्री में शामिल लगभग 5,700 वेबसाइटों, सोशल मीडिया पेजों और बॉट्स को बंद कर दिया गया।

जांच में एंटी-पैरासिटिक दवाओं की जब्ती में भारी उछाल देखा गया है, विशेष रूप से आइवरमेक्टिन और फेनबेंडाजोल, जिन्हें ऑनलाइन मंचों पर वैज्ञानिक साक्ष्यों के बिना कैंसर के वैकल्पिक उपचार के रूप में प्रचारित किया जा रहा था। ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, अमेरिका और ब्रिटेन में इनकी बड़ी खेप पकड़ी गई है।

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