श्रीगंगानगर , अप्रैल 07 -- राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड के तकनीकी कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही पदोन्नति, स्थानांतरण, सेवा शर्तों और पारिवारिक समस्याओं को लेकर राजस्थान विद्युत उत्पादन कर्मचारी संघ (इंटक) ने आज जयपुर में निगम के उच्च पदाधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।

संघ के प्रदेश महामंत्री श्यामसुंदर शर्मा ने श्रीगंगानगर से जारी बयान में बताया कि उत्पादन निगम के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक देवेंद्र श्रंगी तथा मुख्य कार्मिक अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में कर्मचारियों की 12 प्रमुख मांगों को विस्तार से रखा गया है।

श्री शर्मा ने बताया कि 2018 की एकबारीय विशेष स्थानांतरण योजना का दुरुपयोग कुछ कर्मचारियों द्वारा किया गया, जिसके कारण कोटा तापीय विद्युत गृह के मूल कर्मचारियों की पदोन्नति रुक गई है। उन्होंने मांग की कि दोहरा लाभ ले चुके कर्मचारियों को या तो टाइम बाउंड प्रमोशन पॉलिसी का विकल्प वापस लेने को कहा जाए या उन्हें अपने मूल प्लांट में वापस भेजा जाए, ताकि कोटा थर्मल में लंबे समय से अटकी पदोन्नतियां बहाल हो सकें।

ज्ञापन में एक और महत्वपूर्ण मांग यह उठाई गई कि जिन तकनीकी कर्मचारियों ने टाइम बाउंड प्रमोशन पॉलिसी का लाभ लिया है, उन्हें प्रमोशन का लाभ नियुक्ति तिथि से ही दिया जाए। इससे कर्मचारियों को होने वाले वित्तीय नुकसान को रोका जा सकेगा। साथ ही, 1993-94, 1997-98, 2002-03 और 2005-06 में भर्ती हुए सभी तकनीकी कर्मचारियों के तीन वर्ष के प्रशिक्षण काल को नियमित सेवा में गिना जाए।

संघ ने मांग की कि उत्पादन निगम के सभी पावर प्लांटों में सीनियर तकनीशियन प्रथम और सीनियर प्लांट अटेंडेंट प्रथम के नए पद सृजित किए जाएं, जिससे आगे प्रमोशन का चैनल खुल सके। इसके अलावा, टाइम बाउंड प्रमोशन पॉलिसी का विकल्प भर चुके कर्मचारियों को ही वन टाइम ट्रांसफर पॉलिसी का लाभ दिया जाए, ताकि निगम में किसी भी स्तर पर जूनियर-सीनियर का विवाद खड़ा न हो।

नई भर्तियों से पहले पुराने कर्मचारियों को दूसरे प्लांट में स्थानांतरण का विकल्प देने, 20 वर्षों से हेल्पर के पद पर कार्यरत कर्मचारियों को तकनीशियन पद पर पदोन्नत करने, डेपुटेशन पर कार्यरत कर्मचारियों को स्थायी करने और सेवानिवृत्त इंजीनियर व तकनीकी कर्मचारियों को उनके अनुभव का लाभ उठाते हुए पुनः सेवा में रखने की भी मांग की गई है।

एक संवेदनशील मुद्दे पर संघ ने कहा कि जिन तकनीकी कर्मचारियों के बच्चे 9वीं से 12वीं कक्षा में पढ़ रहे हैं और वे उन्हें कोटा जाकर उच्च शिक्षा दिलाना चाहते हैं, ऐसे कर्मचारियों का स्थानांतरण या डेपुटेशन कोटा थर्मल में किया जाए। साथ ही, गंभीर बीमारी से ग्रस्त कर्मचारी या उनके परिवार के सदस्यों को मेडिकल सुविधाओं के हिसाब से स्थानांतरण की सुविधा दी जाए।

ज्ञापन सौंपने के बाद सीएमडी देवेंद्र श्रंगी और मुख्य कार्मिक अधिकारी ने सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करने और जल्द समाधान निकालने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में निर्मल सिंह, जयप्रकाश बेनीवाल, अमर चंद सहित अन्य पदाधिकारी शामिल थे।

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