श्रीगंगानगर , जून 30 -- राजस्थान में हनुमानगढ़ में मंगलवार को किसान भवन में बिजलीघर मजदूर यूनियन (इंटक) का जिला सम्मेलन आयोजित किया गया।

सम्मेलन में बड़ी संख्या में तकनीकी कर्मचारी, श्रमिक प्रतिनिधि और इंटक पदाधिकारी शामिल हुए। वक्ताओं ने मजदूरों के अधिकारों, सुरक्षा, सेवा शर्तों तथा लंबित समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा विभिन्न विभागों में किए जा रहे निजीकरण का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक उपक्रमों का निजीकरण श्रमिकों के हितों के विपरीत है और इससे रोजगार, सेवा सुरक्षा और आमजन को मिलने वाली सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

मुख्य अतिथि राजस्थान इंटक के वरिष्ठतम उपाध्यक्ष एवं बीकानेर संभागीय अध्यक्ष रमेश व्यास, प्रदेश महामंत्री रामवतार स्वामी, प्रदेश महासचिव (ओबीसी विभाग) गुरदीपसिंह चहल, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजस्थान इंटक एवं कार्यकारी अध्यक्ष प्रांतीय विद्युत मंडल मजदूर फेडरेशन (इंटक) श्यामसुंदर शर्मा और यूथ इंटक के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र देवड़ा ने भी विचार व्यक्त किये।

श्री व्यास ने कहा कि श्रमिक देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके अधिकारों की रक्षा करना प्रत्येक सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ इंटक हमेशा संघर्ष करता रहा है और आगे भी श्रमिक हितों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रहेगा।

अन्य वक्ताओं ने कहा कि श्रमिकों के अधिकारों से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जायेगा और संगठन मजदूरों की प्रत्येक न्यायसंगत मांग के लिए संघर्ष करता रहेगा।

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