ग्रेटर नोएडा , फरवरी 02 -- उत्तर प्रदेश में जिला गौतमबुद्धनगर परिक्षेत्र ग्रेटर नोएडा नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र इंजीनियर युवराज मेहता की मौत से जुड़े मामले में गिरफ्तार एमजेड विजटाउन बिल्डर के निदेशक अभय कुमार की रिमांड बढ़ाने और जमानत याचिका पर सोमवार को सीजेएम कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद बिल्डर की जमानत याचिका खारिज कर दी। मामले की अगली सुनवाई 13 फरवरी को निर्धारित की गई है।
अभियुक्त अभय कुमार की ओर से भारतीय न्याय संहिता के तहत जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया था। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि अभियुक्त निर्दोष है, उसने कोई अपराध नहीं किया और उसे झूठा फंसाया गया है, इसलिए उसे जमानत पर रिहा किया जाए।
वहीं, पीड़ित पक्ष के तरफ से अधिकारी ने जमानत का विरोध करते हुए मामले को गंभीर बताया। अदालत ने अभियुक्त के अधिवक्ता तथा अभियोजन अधिकारी की दलीलें सुनकर प्रकरण का अवलोकन किया।
मृतक इंजीनियर पक्ष द्वारा दी गई दलीलों में बताया की कंपनी की लापरवाही के चलते कंपनी के अंतर्गत आने वाले स्थल पर स्थित 70 फीट गहरे पानी से भरे प्लॉट में युवराज की कार गिर गई, जिससे कार में सवार इंजीनियर युवराज की मृत्यु हो गई। अदालत ने मामले को सत्र परीक्षणीय, गैरजमानती और गंभीर प्रकृति का मानते हुए कहा कि तथ्यों और परिस्थितियों में जमानत के लिए पर्याप्त आधार नहीं हैं।
इसी आधार पर अदालत ने जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया और आदेश की प्रति अभियुक्त को निःशुल्क उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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