लंदन/ढाका , मई 16 -- इंग्लैंड और वेल्स के विधि समाज ने बंगलादेश के प्रधानमंत्री तारिक़ रहमान को पत्र लिखकर उन खबरों पर चिंता जताई है जिनमें कहा गया है कि बंगलादेश भर में वकीलों को डराया-धमकाया गया तथा बार चुनाव में हिस्सा लेने से रोका गया।
संगठन ने पत्र में कहा कि ऐसी घटनाएं कानूनी पेशे की स्वतंत्रता पर सवालिया निशान लगाती हैं और देश की न्यायिक व्यवस्था में लोगों का विश्वास कम कर सकती हैं।
इंग्लैंड और वेल्स में दो लाख से ज्यादा वकीलों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन ने कहा कि ऐसी घटनाएं 'वकीलों की भूमिका पर संयुक्त राष्ट्र के मूल सिद्धांत' में पेश किये गये प्रावधानों के अनुरूप नहीं थे।
संगठन ने फरवरी से अप्रैल 2026 तक की रिपोर्टों का हवाला देते हुए दावा किया कि कई वकील और साथ ही कई स्वतंत्र उम्मीदवारों को देश के विभिन्न ज़िला बार और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के चुनावों में हिस्सा लेने से सिर्फ इसलिए रोक दिया गया क्योंकि वे कथित रूप से प्रतिबंधित अवामी लीग से संबंधित थे।
लॉ सोसाइटी ने पत्र में आग्रह किया कि वह यह सुनिश्चित करे कि बंगलादेश में वकील अपने पेशेवर कर्तव्यों का पालन "किसी भी तरह के बदले की कार्रवाई, रुकावट, धमकी या उत्पीड़न के डर के बिना" कर सकें। पत्र में इस बात पर भी ज़ोर दिया गया कि वकीलों को राजनीतिक दबाव से सुरक्षित रखना, न्यायपालिका की स्वतंत्रता और कानून के व्यापक शासन को बनाए रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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