कॉर्बेट पार्क रामनगर , जनवरी 30 -- उत्तराखंड के रामनगर में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व देश के प्रमुख वन्यजीव पर्यटन स्थलों में गिना जाता है,यहां आने वाले पर्यटक जंगल सफारी के माध्यम से घने वनों, दुर्लभ वन्यजीवों और प्राकृतिक सौंदर्य का दीदार करते हैं। कॉर्बेट के अंतर्गत कई प्रसिद्ध पर्यटन जोन हैं, लेकिन इन्हीं में एक ऐसा विशेष पर्यटन जोन भी है, जहां आस्था और प्रकृति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है,यह जोन है दुर्गादेवी पर्यटन जोन, जो मां दुर्गा के नाम पर जाना जाता है।

कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के अंतर्गत पड़ने वाली मंडाल रेंज में स्थित दुर्गादेवी पर्यटन जोन के समीप मां दुर्गा देवी का प्राचीन मंदिर स्थित है। इसी मंदिर के नाम पर इस पर्यटन जोन का नाम दुर्गादेवी रखा गया है। यह मंदिर न सिर्फ स्थानीय लोगों बल्कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है,मंदिर और आसपास का शांत, हरियाली से भरा वातावरण इस क्षेत्र को आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है.दुर्गादेवी पर्यटन जोन अपनी प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगलों और समृद्ध जैव विविधता के लिए खास पहचान रखता है, यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं, जो साल और अन्य प्रजातियों के ऊंचे वृक्षों से आच्छादित जंगलों के बीच सफारी का आनंद लेते हैं, यह जोन विशेष रूप से हाथियों और पक्षियों की विविध प्रजातियों के लिए प्रसिद्ध है, जिससे यह वन्यजीव प्रेमियों और पक्षी प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है।

गौरतलब है कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में कुल आठ सफारी जोन हैं, जिनमें ढिकाला, बिजरानी, झिरना, ढेला, दुर्गादेवी, सोननदी, गर्जिया और पाखरो शामिल हैं। इनमें से ढिकाला, बिजरानी, झिरना, ढेला और दुर्गादेवी जोन पर्यटकों के बीच सबसे अधिक लोकप्रिय माने जाते हैं। दुर्गादेवी जोन की खासियत इसका पहाड़ी भू-भाग है, जो इसे अन्य जोनों से अलग बनाता है। रामगंगा नदी के तट पर स्थित यह पर्यटन जोन अपनी मनोहारी प्राकृतिक छटा के लिए जाना जाता है। यहां से रामगंगा और मंडाल नदियों का संगम क्षेत्र दिखाई देता है, जो पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करता है, इस क्षेत्र में डोमुंडा पुल के पास के प्राकृतिक नजारे, जंगली हाथियों का झुंड, और नदी में पाई जाने वाली महासीर मछली पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण हैं।

रामनगर से लगभग 28 से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित दुर्गादेवी जोन, कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की सबसे दूर स्थित सफारी सीमाओं में से एक है,यही वजह है कि यहां का वातावरण अपेक्षाकृत शांत और प्राकृतिक बना रहता है, जो पर्यटकों को अलग तरह का रोमांच और सुकून देता है,पर्यटकों के लिए यह जोन हर वर्ष 15 अक्टूबर से 15 जून तक खुला रहता है। यहां प्रतिदिन सुबह की पाली में 30 और शाम की पाली में 30 जिप्सियों के माध्यम से जंगल सफारी कराई जाती है। कुल मिलाकर दुर्गादेवी पर्यटन जोन कॉर्बेट का वह खास हिस्सा है, जहां वन्यजीव पर्यटन, प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक आस्था एक साथ देखने को मिलती है, जो हर पर्यटक के अनुभव को यादगार बना देती है।

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