नयी दिल्ली , जुलाई 08 -- आसियान-भारत व्यापार समझौता (एआईटीआईजीए) की संयुक्त समिति की तेरहवीं बैठक और समझौते की समीक्षा से संबंधित कुछ उपसमितियों की बैठकें इस समय भारत की मेजबानी में राजधानी में चल रही हैं जिसमें समझौते की समीक्षा के तहत वार्ताओं की प्रगति की समीक्षा भी चल रही है।
आसियान से आये वार्ताकार दल के साथ यहां छह से दस जुलाई तक आयोजित इस बैठक में आसियान के कुछ अधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से भी शामिल हो रहे हैं। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की बुधवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार एआईटीआईजीए की संयुक्त समिति के अंतर्गत आने वाली आठ उप-समितियों में से तीन की बैठकें वर्तमान में 13वीं संयुक्त समिति की बैठक के दौरान समानांतर रूप से आयोजित की जा रही हैं। इनमें सीमा शुल्क प्रक्रिया एवं व्यापार सुगमता उप-समिति (एससी-सीपीटीएफ), राष्ट्रीय व्यवहार एवं बाजार पहुंच उप-समिति (एससी-एनटीएमए) और उत्पत्ति नियम उप-समिति (एससी-आरओओ) शामिल हैं। ये बैठकें भारत और आसियान के बीच सहयोग को गहरा करने, आपसी समझ को मजबूत करने और रचनात्मक संवाद को आगे बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य कर रही हैं।
एआईटीआईजीए संयुक्त समिति की सात जुलाई को हुई 13वीं बैठक की सह-अध्यक्षता वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में वाणिज्य विभाग के अपर सचिव नितिन कुमार यादव और मलेशिया के निवेश, व्यापार एवं उद्योग मंत्रालय की उप महासचिव (व्यापार) मस्तुरा अहमद मुस्तफा ने की। इस बैठक में आसियान के सभी सदस्य देशों - ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओ पीडीआर, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम के प्रतिनिधिमंडलों ने भाग लिया।
विज्ञप्ति के अनुसार संयुक्त समिति ने उप-समितियों को उनके संबंधित कार्यक्षेत्रों में रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान किया और उनसे एआईटीआईजीए समीक्षा के अंतर्गत लंबित अध्यायों को अंतिम रूप देने में तेजी लाने का आग्रह किया। वार्ता की गति बनाए रखने के लिए, उप-समितियों को समयबद्ध कार्य सौंपे गए और उन्हें सहमत समय सीमा के भीतर ठोस परिणाम प्राप्त करने हेतु मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
आसियान भारत के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में से एक है और इस समूह के साथ द्विपक्षीय व्यापार 2025-26 के दौरान 128 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो दोनों पक्षों के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी को दर्शाता है और व्यापार एवं निवेश सहयोग को और बढ़ाने के अवसर प्रदान करता है।
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