कज़ान , जून 17 -- रूस और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) के नेता उच्च-स्तरीय व्यापार गोष्ठी के लिए रूस के कज़ान में इकट्ठा हुए हैं।
गोष्ठी का उद्देश्य रूस और दक्षिण-पूर्व एशियाई समूह के बीच लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा करना तखा राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक एवं मानवीय क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते तलाश करना है।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मेज़बानी में हो रही यह बैठक रूस-आसियान के बातचीत के रिश्तों की 35वीं सालगिरह का प्रतीक है और उम्मीद है कि इससे दोनों पक्षों के बीच सहयोग का अगला चरण तय होगा।
यह बैठक कज़ान में 17-18 जून को होने वाले रूस-आसियान शिखर सम्मेलन का हिस्सा है, जो दोनों पक्षों के बीच बातचीत के संबंधों के 35 साल पूरे होने का प्रतीक है।
श्री पुतिन ने प्रतिभागियों को वीडियो संबोधन में कहा कि रूस और आसियान देशों ने लंबे समय से चले आ रहे सहयोग को एक मज़बूत आधार दिया है और अब वे कई रणनीतिक क्षेत्रों में अपने संबंधों को बढ़ाने की अच्छी स्थिति में हैं। उन्होंने कहा, "कई दशकों में हमने कई तरह के सहयोग से भरपूर अनुभव प्राप्त किया है और मज़बूत द्विपक्षीय संबंध बनाए हैं, जिससे आने वाले वर्षों के लिए एक मज़बूत आधार तैयार हुआ है।"वोल्गा नदी के किनारे कज़ान में हो रहा शिखर सम्मेलन रूस-आसियान संबंधों की 35वीं वर्षगांठ का प्रतीक है।
शिखर सम्मेलन के दौरान आयोजित बिज़नेस फ़ोरम में हिस्सा लेने वालों के लिए भेजे गये संदेश में श्री पुतिन ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि इससे आपसी लाभ वाले व्यापार, निवेश एवं औद्योगिक सहयोग को बढ़ाने के नए मिलेंगे और साथ ही हमारे व्यापारिक समुदायों के बीच सीधी बातचीत भी मज़बूत होगी।" इसमें सहयोग के दायरे को बढ़ाने की कोशिशों के साथ-साथ बड़े अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी विचार किया जाएगा। उम्मीद जतायी गयी है कि इस शिखर सम्मेलन के दौरान कई अहम दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिनमें 'कज़ान घोषणा' और 'रूस-आसियान व्यापक कार्य योजना' शामिल हैं। इन दस्तावेज़ों का उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच भविष्य के सहयोग के लिए दिशा-निर्देश तय करना होगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित