नयी दिल्ली , अप्रैल 12 -- सुर साम्राज्ञी आशा भोसले के निधन पर वरिष्ठ राजनेताओं ने शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि उनका निधन संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है और उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने भारतीय संस्कृति पर अमिट छाप छोड़ी है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आशा भोसले का निधन संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति है और उनके सुमधुर गीतों की गूंज सदैव बनी रहेगी।
श्री सिंह ने कहा, "भारत की सुर साम्राज्ञी आशा भोसले जी का निधन मेरे लिए अत्यंत पीड़ादायक है। पार्श्व गायिका के रूप में उन्होंने हज़ारों फ़िल्मों एवं संगीत एल्बम्स में अपनी आवाज़ दी। उनके गाए हुए गीतों को भारत की कई पीढ़ियों ने सुना और गुनगुनाया है। उनके सुमधुर गीतों की गूंज सदैव बनी रहेगी। आशा भोसले जी का निधन संगीत और जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। दुख की इस घड़ी में उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।"केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उन्होंने अपनी विलक्षण प्रतिभा से भारतीय संगीत को नयी ऊंचाइयों पर पहुंचाया और अनेक फिल्मों व गीतों को अमर बनाया।
श्री गडकरी ने कहा, "भारतीय संगीत जगत की मशहूर और दिग्गज हस्ती गायिका पद्म विभूषण आशा भोसले जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्हें मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि। उनके साथ मेरे पारिवारिक संबंध रहें है। उनका जाना भारत के संगीत क्षेत्र की अपरिमित क्षति है। अपनी विलक्षण प्रतिभा से आशा जी ने संगीत के क्षितिज पर अपनी एक अलग पहचान बनायी। नया दौर, तीसरी मंज़िल, हरे रामा हरे कृष्णा, उमराव जान के साथ साथ इजाज़त और रंगीला जैसे वक़्त और पीढ़ियों के साथ बदलती कई मशहूर फिल्में और गीत आशा जी ने अपने स्वर से अमर किए हैं। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को संबल दे। ॐ शांति।"गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आशा भोसले की मधुर आवाज और बहुमुखी प्रतिभा ने भारतीय संगीत को समृद्ध किया तथा उन्होंने कई भाषाओं और शैलियों में अपनी अमिट छाप छोड़ी।
श्री शाह ने कहा, "आज हर भारतीय और विशेषकर मेरे जैसे हर संगीत प्रेमी के लिए दुःखद दिन है, जब हम सबकी प्रिय आशा भोसले जी हमारे बीच नहीं रहीं। आशा ताई ने न सिर्फ अपनी मधुर आवाज और अद्वितीय प्रतिभा से एक अलग पहचान बनाई, बल्कि अपने सुरों से भारतीय संगीत को भी और अधिक समृद्ध कियाआशा ताई की आवाज में जितनी कोमलता थी, उनके व्यवहार में भी उतनी ही सादगी और आत्मीयता थी। उनसे जब भी मुलाकात होती थी, संगीत और कला जैसे अनेक विषयों पर लंबी बातें होती थीं। आज वे भले ही हमारे बीच नहीं हैं, पर अपनी आवाज से वे सदैव हमारे दिलों में रहेंगी।"भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि आशा भोसले करोड़ों भारतीयों के दिलों की आवाज थीं और उनका निधन अपूरणीय क्षति है।
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