बारां , अप्रैल 13 -- राजस्थान में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर महिला-पुरुषों ने सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि योजना के लाभार्थियों को मिलने वाली मजदूरी जो मनरेगा के तहत दी जानी थी, उसे पंचायत प्रशासन और कार्मिकों की मिलीभगत से हड़प लिया गया। नियमों के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान निर्माण करने वाले प्रत्येक लाभार्थी को 90 दिनों की मजदूरी मनरेगा के माध्यमसे सीधे उसके बैंक खाते में दी जाती है, लेकिन कागजों में भुगतान दिखाया जा रहा है, जबकि वास्तविकता में उनके खातों में एक भी रुपया नहीं पहुंचा। पंचायत स्तर पर ही फर्जीवाड़ा करके राशि निकाल ली गयी।
इस अवसर पर ग्रामीण बड़ी संख्या में जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया। महिलाओं और पुरुषों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि जहां एक ओर वे आर्थिक तंगी में अपना घर बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार कर्मचारी उनके हक का पैसा डकार रहे हैं।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने आवास योजना और मनरेगा मस्टरोल की उच्च स्तरीय जांच करने, दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल निलंबित करके जेल भेजने और हड़पी गयी राशि की वसूली करके लाभार्थियों को भुगतान करने की मांग की है।
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