धार , जून 15 -- मध्यप्रदेश में धार जिले की नालछा तहसील के ग्राम बांग्ला में एक आवारा श्वान के हमले में तीन वर्षीय बालिका गंभीर रूप से घायल हो गई। श्वान ने बालिका के चेहरे पर हमला कर उसकी नाक और कान के पास के हिस्से को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। बाद में इंदौर में चिकित्सकों ने जटिल प्लास्टिक सर्जरी कर बालिका की नाक के हिस्से का पुनर्निर्माण किया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम बांग्ला निवासी आनंद जाट की तीन वर्षीय पुत्री हितांशी सोमवार को घर के आंगन में खेल रही थी। इसी दौरान एक आवारा श्वान घर में घुस आया और उस पर हमला कर दिया। श्वान ने बालिका के चेहरे पर कई जगह गहरे घाव कर दिए। उसकी चीख-पुकार सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और उसे श्वान के चंगुल से छुड़ाया।

गंभीर रूप से घायल बालिका को तत्काल धार के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों के अनुसार उसके चेहरे पर अत्यंत गहरे घाव थे। करीब दो घंटे तक चले उपचार के दौरान चिकित्सकों ने घावों को सुरक्षित करने के लिए लगभग 40 टांके लगाए। हालांकि चोटों की गंभीरता को देखते हुए उसे इंदौर रेफर कर दिया गया।

इंदौर के एक निजी अस्पताल में सोमवार सुबह विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने बालिका की जटिल सर्जरी की। सुबह आठ बजे से दस बजे तक चले ऑपरेशन में पहले गहरे घावों की सफाई की गई। श्वान के हमले से उसकी नाक की नली और नाक का हिस्सा गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया था।

चिकित्सकों ने प्लास्टिक एवं पुनर्निर्माण सर्जरी के माध्यम से नाक के क्षतिग्रस्त हिस्से का पुनर्निर्माण किया तथा चेहरे की संरचना को पुनः व्यवस्थित किया। चिकित्सकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती बालिका के चेहरे को यथासंभव सामान्य स्वरूप में लाना था।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार कई चरणों में संपन्न हुई यह जटिल सर्जरी सफल रही। समय पर उपचार मिलने के कारण बालिका की स्थिति अब खतरे से बाहर है और वह धीरे-धीरे स्वस्थ हो रही है। घटना के बाद परिजनों ने चिकित्सकों की टीम के प्रति आभार व्यक्त किया है। वहीं गांव में आवारा श्वानों की बढ़ती संख्या को लेकर ग्रामीणों में चिंता और आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आवारा श्वानों की समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

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