नई दिल्ली , जनवरी 28 -- केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर संस्कृत क्षेत्र की दो विभूतियों प्रख्यात शतावधानी आर. गणेश को पद्मभूषण तथा संस्कृत विद्वान आचार्य वेम्पटि कुटुम्बशास्त्री को पद्मश्री सम्मान के लिए चयनित किये जाने को सम्पूर्ण विद्वत समाज के लिए गौरव का विषय बताया है है।

उन्होंने बुधवार को एक बयान में दोनों विद्वानों को बधाई देते हुए कहा कि यह भारतीय बौद्धिक परंपरा की निरंतरता और वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रमाण है।

कुलपति प्रो वरखेड़ी ने कहा कि शास्त्रों, काव्य, आलोचनात्मक ग्रंथों तथा प्राचीन 'अवधान' कला में शतावधानी आर. गणेश का योगदान विशिष्ट और अनुकरणीय है। उन्होंने संस्कृत के साथ-साथ कन्नड़, तेलुगु और तमिल साहित्य में भी उल्लेखनीय कार्य किया है।

आचार्य वेम्पटि कुटुम्बशास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान ( अब केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय) के प्रथम कुलपति रहे हैं और संस्कृत शिक्षा के आधुनिकीकरण तथा सुदृढ़ीकरण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

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