दरभंगा , अप्रैल 26 -- इट्स गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आशीष कुमार झा ने रविवार को कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के बढ़ते उपयोग ने जहां लोगों को अनेक सहूलियतें प्रदान की हैं, वहीं इसके साथ कई नई चुनौतियां भी सामने आई हैं। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के वाणिज्य एवं व्यवसाय प्रशासन विभाग द्वारा "समकालीन समय में व्यावसायिक अनुसंधान" विषयक आज आयोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के चौथे तकनीकी सत्र को संबोधित करते हुए श्री झा ने बदले परिवेश को भी सामने रखा। उनके अनुसार आज मशीने, कम परिमान में ही सही, निर्णय लेने का काम कर रही है, जबकि पहले मशीनों के सहयोग से आंकड़ों का विश्लेषण कर निर्णय लिया जाता था। व्यवसाय जगत के सभी क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का सहारा लिया जा रहा है, चाहे वित्त का क्षेत्र हो, विपणन का क्षेत्र हो या मानव संसाधन प्रबंधन का क्षेत्र हो।
सत्र की अध्यक्ष प्रोफेसर सिंह ने शोधकार्य संपादन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभावी प्रयोग से जुड़े पहलुओं पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला। उन्होंने अकादमिक लेखन विषय पर पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से अच्छे शोधपत्र/आलेख लेखन की बारीकियों से शोध अध्येताओं को अवगत कराया। शोधपत्र/आलेख की विषय वस्तु एवं उसके बेहतर संयोजन से संबंधित बिंदुओं को भी उन्होंने रेखांकित किया। उन्होंने चैटजीपीटी एवं इसी तरह के अन्य टूल का उपयोग सावधानी पूर्वक करने की सलाह दी।
इस तकनीकी सत्र में कुल 59 शोधपत्रो/आलेखों का वाचन हुआ। पत्र वाचकों ने डिजिटल इन्नोवेशन,आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं संबद्ध पहलुओं पर अपने विचार एवं अवलोकन प्रस्तुत किये।
आज के इस तकनीकी सत्र का संचालन एवं समन्वयन प्रबंध के सहायक प्राध्यापक श्याम कुमार एवं प्रतिवेदन डॉ. ललित शर्मा ने किया। इस सम्मेलन के अध्यक्ष प्रोफेसर हरे कृष्णा सिंह ने आगत अतिथियों को प्रतीक चिन्ह देकर उन्हें सम्मानित किया।
सत्र के दौरान दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मनोज कुमार सिन्हा, सम्मेलन के समन्वयक डॉ. दिवाकर झा समेत सभी विभागीय शिक्षक तथा 150 से अधिक प्रतिभागी उपस्थित थे।इस सम्मेलन के आयोजन सचिव डॉ. राज कुमार साह ने सत्र के आरंभ में आगत अतिथियों का पाग चादर एवं पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। संयुक्त आयोजन सचिव डॉ. निर्मला कुशवाहा ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। सत्र की अध्यक्षता बीएनएम इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी बैंगलोर के व्यवसाय प्रशासन विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.पदमालिनी सिंह ने की। कार्यक्रम का समापन विभागीय शिक्षक डॉ. एस. के.झा के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ।
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