हैदराबाद , मार्च 26 -- तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने गुरुवार को विधानसभा में बताया कि छह दिसंबर 2023 तक आरोग्यश्री योजना के तहत औसतन 89 करोड़ रुपये प्रति माह खर्च किए गए थे।
श्री रेड्डी ने कहा कि गरीबों के कल्याण के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में पर्याप्त धन आवंटित किया गया है। निजी अस्पतालों के बकाया भुगतान के कारण बंद होने के आरोपों को उन्होंने "झूठा प्रचार" बताया। उन्होंने बताया कि पिछली बीआरएस सरकार ने आरोग्यश्री के तहत भारी बकाया छोड़ा था, जिसे उनकी सरकार ने काफी हद तक चुका दिया है। साथ ही योजना की सीमा 5-10 लाख रुपये तक बढ़ायी गयी है।
उन्होंने जानकारी दी कि सात दिसंबर 2023 तक 627 करोड़ रुपये बकाया थे। इसके बाद से सरकार ने कुल 2,408 करोड़ रुपये का भुगतान किया है, जिसमें 927 करोड़ रुपये सरकारी अस्पतालों और 1,480 करोड़ रुपये निजी अस्पतालों को दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब केवल 727 करोड़ रुपये बकाया हैं और भुगतान नियमित रूप से किया जा रहा है। साथ ही योजना के तहत इलाज कराने वाले मरीजों की संख्या में भी वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री राहत कोष (सीएमआरएफ) में सुधारों का जिक्र करते हुए श्री रेड्डी ने कहा कि पहले अनियमितताएं थीं, लेकिन ऑनलाइन आवेदन प्रणाली लागू होने से दुरुपयोग खत्म हुआ है। अब तक इस कोष से 2,046 करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि गरीबों के स्वास्थ्य पर कुल 4,500 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिसमें 2,400 करोड़ रुपये आरोग्यश्री के तहत शामिल हैं।
चिकित्सा ढांचे में कमियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में 35 मेडिकल कॉलेज होने के बावजूद शिक्षण अस्पतालों में मरीजों की संख्या अपेक्षित नहीं है। सरकार आरोग्यश्री मरीजों को इन अस्पतालों की ओर भेजने और उनके संचालन को मजबूत करने की योजना बना रही है। अस्पताल प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए ग्रुप-1 अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने कल्याणकारी योजनाओं के तहत घोषणा की कि जाति जनगणना के आधार पर 1.15 करोड़ परिवारों को 'इंदिरम्मा लाइफ इंश्योरेंस' योजना का लाभ दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि राज्य के बाहर कार्यरत डॉक्टरों को जोड़ने के लिए एक विशेष प्लेटफॉर्म विकसित किया जा रहा है, ताकि वे अपने दौरे के दौरान स्थानीय अस्पतालों में सेवाएं दे सकें। इसके अलावा, वारंगल, अलवाल, एलबी नगर और सनतनगर स्थित टीआईएमएस अस्पतालों को विशेष अस्पतालों में अपग्रेड किया जाएगा। गोशामहल में 30 एकड़ क्षेत्र में 3,000 करोड़ रुपये की लागत से नया उस्मानिया अस्पताल बनाया जाएगा, जिसमें अतिरिक्त 10,000 बेड की सुविधा होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पिछली कमियों को दूर कर स्वास्थ्य क्षेत्र में और सुधार करेगी तथा शिक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि गरीबों के लिए बजट में कोई कटौती नहीं होगी और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त आवंटन किया जाएगा।
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