तिरुवनंतपुरम , जनवरी 25 -- केरल राज्य मानवाधिकार आयोग (केएसएचआरसी) ने क्षेत्रीय कैंसर केंद्र (आरसीसी) को गलत कैंसर दवा की आपूर्ति करने वाली फार्मास्यूटिकल कंपनी के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैंआयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अलेक्जेंडर थॉमस ने मीडिया रिपोर्टों पर आधारित मामले में स्वत: संज्ञान लेकर यह निर्देश जारी किया। गंभीर प्रभावों के मद्देनजर आयोग ने पहले मामले की विस्तृत जांच का आदेश दिया था।

आरसीसी निदेशक की आयोग को दी गयी जानकारी के अनुसार, यह घटना पिछले साल नौ जुलाई की है। आरसीसी फार्मेसी में मिली पर्ची के अनुसार दवा देते समय कर्मचारियों ने पाया कि दस पैकेट के एक सेट में से दो पैकेटों पर ईटोपोसाइड 50 एमजी का लेबल लगा था, जो फेफड़ों के कैंसर के लिए इस्तेमाल होने वाली कीमोथेरेपी की दवा है, जबकि उन पैकेटों पर मस्तिष्क के कैंसर के लिए दी जाने वाली दवा टेमोजोलोमाइड 100 एमजी लिखी होनी चाहिए थी। इससे यह साफ हो गया कि एक दवा की पैकिंग के अंदर कैंसर की दूसरी दवा है।

गलती का पता चलने के बाद दवा की पांच बोतलें औषधि नियंत्रक ने जब्त कर अदालत में पेश की और आपूर्तिकर्ता कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की गयी। कंपनी को काली सूची में डाल दिया गया है। आयोग की बैठक के दौरान औषधि नियंत्रक ने इन तथ्यों की पुष्टि की है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायमूर्ति अलेक्जेंडर थॉमस ने आरसीसी निदेशक को निर्देश दिया कि कंपनी के खिलाफ बिना देरी के सभी कानूनी कार्यवाही तुरंत पूरी करें।

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