अहमदाबाद , जून 01 -- पूर्व भारतीय क्रिकेट वरूण ऐरन का मानना है कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के भरोसेमंद मध्यमक्रम के कारण स्टार बल्लेबाज विराट कोहली खुलकर खेल पाये।
ईएसपीएन टाइम आउट कार्यक्रम के दौरान ऐरन ने यह बात कही। कार्यक्रम में लखनऊ सुपर जायंट्स के ग्लोबल डायरेक्टर ऑफ क्रिकेट में टॉम मूडी ने कहा कि कोहली ने मैच में अपनी बल्लेबाजी का आनंद लिया। वहीं वरुण ऐरन का मानना है कि इसकी मुख्य वजह रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) का मजबूत मध्यक्रम है। उनके अनुसार, वह ज्यादा आनंद इसलिए ले पा रहे हैं क्योंकि उनके पास भरोसेमंद मध्य क्रम है, जिसने कोहली को खुलकर खेलने की आजादी दी है।
मूडी कहा, "इस साल कोहली के बारे में जो बात मुझे सबसे अलग लगती है, वह यह है कि वह बल्लेबाज़ी करते हुए वह इसका लुत्फ़ उठा रहे हैं। मुझे लगता है कि पिछले कुछ वर्षों में वह बल्लेबाजी को एक बिजनेस की तरह ले रहे थे। वह उस बिजनेस को बस संभाल रहे थे। लेकिन इस सीज़न में मुझे ऐसा खिलाड़ी दिखा, जो सब कुछ छोड़कर सिर्फ़ खेल का लुत्फ़ उठा रहा है। उनकी प्रतिभा और क्लास की वजह से हर चीज़ बेहतर हो रही है- बाउंड्री, स्ट्राइक रेट, सब कुछ, क्योंकि उनके पास परफ़ेक्ट गेम है। उन्होंने ख़ुद को खुला छोड़ दिया है और वह लुत्फ़ उठा रहे हैं। इसका फायदा सभी को हो रहा है- आरसीबी को भी, प्रशंसकों को और खेल को भी।"ऐरन का तर्क है कि बदलाव केवल कोहली में नहीं, बल्कि आरसीबी की बल्लेबाजी क्रम में भी आया है। लंबे समय तक आरसीबी की बल्लेबाजी क्रिस गेल, एबी डिविलियर्स और कोहली पर बहुत ज़्यादा निर्भर रही। लेकिन अब रजत पाटीदार और देवदत्त पडिक्कल ऊपरी मध्यक्रम में, टिम डेविड और क्रुणाल पंड्या मध्यक्रम में और ऊपरी क्रम में फिल सॉल्ट व वेंकटेश अय्यर जैसे खिलाड़ियों के प्रभावशाली योगदान के कारण कोहली पर बोझ कम हो गया है।
ऐरन ने कहा, "अब उन्हें पता है कि अगर वह आउट भी हो जाए तो दूसरे बल्लेबाज़ मौजूद हैं। हमने पावरप्ले में उनके इंटेंट की बात की है, लेकिन उनका फ़ॉल्स-शॉट प्रतिशत भी बेहद ऊंचा है। यह 30 प्रतिशत से ऊपर के आसपास है। 24.82 प्रतिशत पिछले दस सीज़न में सिर्फ़ दो बार इससे अधिक रहा है]। इसलिए विपक्षी टीम के तौर पर आपको पता है कि वह आपको मौका भी देंगे। लेकिन विराट कोहली निश्चित रूप से खेल का आनंद ले रहे हैं और इसकी वजह यह है कि उन्हें अपने मध्य क्रम पर भरोसा है। बड़े खिलाड़ी जब अपने पीछे मजबूत बल्लेबाजी देखते हैं तो वे जानते हैं कि वे गेंदबाजो पर पूरी ताक़त से हमला कर सकते हैं।"कोहली खुद भी इस बदलाव पर बात कर चुके हैं। उनका मानना है कि यह "आधुनिक खेल की मांग" है, जहां आपको अतिरिक्त 20-30 रन बनाने की ज़रूरत होती है। उन्होंने अपनी पुरानी ख़ूबियों को बरक़रार रखते हुए उनमें वह स्किल जोड़ दी है।
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