कपूरथला , मार्च 25 -- स्वदेशी रेलवे निर्माण क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में, रेल कोच फैक्ट्री (आरसीएफ) कपूरथला ने अपनी पहली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का सफलतापूर्वक निर्माण कर लिया है।

अत्याधुनिक 16 कोचों वाला यह ट्रेन सेट अब अपने अंतिम चरण में है और सेवा में शामिल होने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस महीने के अंत तक इसे परिचालन के लिए सौंप दिया जाएगा, जो देश में उन्नत ट्रेन निर्माण क्षमताओं के विस्तार में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

पंजाब के आधिकारिक दौरे पर आए छत्तीसगढ़ के 14 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को आरसीएफ कपूरथला का दौरा किया। इस दौरान पत्रकारों ने कच्चे स्टील से लेकर पूरी तरह से सुसज्जित, यात्री-तैयार आधुनिक रेलवे कोच बनाने की पूरी प्रक्रिया को प्रत्यक्ष रूप से देखा।

प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करते हुए उप महाप्रबंधक श्री अमन कुमार ने वंदे भारत कोचों के नवीनतम संस्करण में शामिल तकनीकी प्रगति के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने सूचित किया कि यह पहली बार है जब वंदे भारत ट्रेनसेट का निर्माण चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) के बाहर आरसीएफ कपूरथला में किया जा रहा है। आरसीएफ कपूरथला प्रतिवर्ष लगभग 2,200 से 2,300 कोचों का निर्माण कर रहा है। अब रायबरेली और कपूरथला इकाइयों में भी इसका निर्माण होने से भारतीय रेलवे की उत्पादन क्षमता में भारी वृद्धि होगी।

श्री कुमार ने बताया कि अपग्रेड किए गए वंदे भारत कोच कई अत्याधुनिक फीचर्स से लैस हैं। ट्रेन टक्कर बचाव प्रणाली, क्रैशवर्थी डिज़ाइन और उन्नत अग्नि शमन प्रणाली लगी है। विशेष रूप से, शौचालयों में स्मोक डिटेक्टर सेंसर लगाए गए हैं। यह ट्रेन 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में सक्षम है । बेहतर एयर सर्कुलेशन के लिए आधुनिक एच वी ए सी सिस्टम, एर्गोनोमिक सीटें, मोबाइल चार्जिंग पॉइंट्स, सीसीटीवी निगरानी, जीपीएस आधारित सूचना प्रणाली और ऑटोमैटिक प्लग डोर।

1988 में स्थापित यह फैक्ट्री अब एक आत्मनिर्भर टाउनशिप बन चुकी है, जहाँ लगभग 5,600 कर्मचारी कार्यरत हैं। परिसर के भीतर केंद्रीय विद्यालय, अस्पताल, एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउंड, फुटबॉल स्टेडियम और 18-होल गोल्फ कोर्स जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं मौजूद हैं। वर्तमान में यहाँ अखिल भारतीय अंतर-रेलवे महिला हॉकी टूर्नामेंट का आयोजन भी किया जा रहा है।

'मेक इन इंडिया' पहल के तहत विकसित वंदे भारत ट्रेन (पूर्व में ट्रेन 18) का कपूरथला में निर्माण होना उन्नत रेलवे तकनीक में आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम है। श्री कुमार ने जोर देकर कहा कि यह भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और यात्री-केंद्रित विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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