राजनांदगांव , जुलाई 30 -- भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने राजनांदगांव जिला सहकारी केंद्रीय बैंक पर बैंकिंग नियमों के उल्लंघन के मामले में एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। बैंक पर आरोप है कि कर्मचारियों के खातों में निर्धारित सीमा से एक प्रतिशत अधिक ब्याज का भुगतान किया गया।

बैंक प्रबंधन ने बुधवार को जुर्माने की राशि जमा कर दी,जिसकी जानकारी गुरुवार सुबह मीडिया को दी गयी।

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) सुधीर सोनी ने कहा, "नाबार्ड के द्वारा निरीक्षण किया गया था। नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर के अधिकारियों द्वारा 15 दिसंबर 2025 से सात जनवरी 2026 तक नाबार्ड द्वारा निरीक्षण किया गया था। जिसमें से 143 खातों में जो हमारे स्टाफ के खाते थे उसमें एक प्रतिशत अधिक ब्याज दिए जाने की रिपोर्टिंग नाबार्ड कार्यालय द्वारा आरबीआई को की गई थी। 143 खातों में से 106 खाते को हमने बंद करके तीन लाख 93 हजार रुपए रिकवर किए थे लेकिन 23 जुलाई को आरबीआई से एक पत्र प्राप्त हुआ। जिसके तहत एक लाख रुपए बैंक के ऊपर जुर्माना लगाया गया था जिसे बैंक द्वारा आज भुगतान किया जा रहा है."उन्होंने बताया कि जांच के दौरान 29 खातों में ब्याज भुगतान नियमानुसार पाया गया, जबकि 106 खातों में ब्याज की गणना में त्रुटि सामने आई। कुछ खाते ऐसे भी थे, जो कर्मचारियों के निधन के बाद उनके परिजनों के नाम से संचालित हो रहे थे, जिसके कारण उन्हें भी अतिरिक्त ब्याज का लाभ मिल गया। बैंक ने ऐसे मामलों में कुल तीन लाख 93 हजार रुपये की वसूली कर ली है।

बैंक के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के प्रावधानों के तहत यह कार्रवाई की है। बैंक प्रबंधन ने भविष्य में सभी नियामकीय निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने का भरोसा दिया है।

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