नयी दिल्ली , मार्च 25 -- सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के लिए अगले पांच साल के दौरान मुद्रास्फीति का लक्ष्य और इसका दायरा स्थिर रखा है।
वित्त मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी अधिसूचना में कहा गया है कि केंद्रीय बैंक को 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक मुद्रास्फीति को चार प्रतिशत पर रखने का लक्ष्य दिया गया है। इसमें ऊपरी सीमा छह प्रतिशत और निचली सीमा दो प्रतिशत होगी।
उल्लेखनीय है कि साल 2016 में भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 संशोधन कर खुदरा मूल्य आधारित मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखने की जिम्मेदारी आरबीआई को दे दी गयी थी, हालांकि इसका दायरा और लक्ष्य तय करने का अधिकार सरकार को दिया गया है।
पहली बार यह व्यवस्था 05 अगस्त 2016 से 31 मार्च 2021 की अवधि के लिए लागू की गयी थी। बाद में इसकी अवधि 01 अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2026 तक के लिए बढ़ाई गयी थी। इन दस वर्षों में रिजर्व बैंक महंगाई को नियंत्रित रखने में काफी हद तक सफल रहा।
इस समय खुदरा महंगाई की दर कई वर्षों के निचले स्तर पर है। फरवरी में महंगाई दर 3.21 प्रतिशत दर्ज की गयी थी जो 10 महीने का उच्चतम स्तर है। मुद्रास्फीति के लिए नयी सीरीज अपनाने के बाद उस पर आधारित यह पहला आंकड़ा था।
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