श्रीनगर , मार्च 14 -- जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और हंदवाड़ा से विधायक सज्जाद लोन ने शनिवार को कहा कि हाल ही में प्रकाशित जेकेएएस सांख्यिकीय परिणामों ने आरक्षण व्यवस्था को लेकर उनकी पार्टी के लंबे समय से उठाए जा रहे मुद्दों को सही साबित किया है।
श्री लोन ने कहा कि इन निष्कर्षों से वही बातें सामने आई हैं, जिन्हें वह विधानसभा में और सोशल मीडिया पर पहले भी आंकड़ों के साथ उठा चुके हैं। उन्होंने कहा, "जेकेएएस के सांख्यिकीय परिणाम लगभग हर उस बिंदु की पुष्टि करते हैं, जिसे मैंने अपनी पार्टी की ओर से विधानसभा में उठाया था। आंकड़ों के अनुमान हमारे दावों से लगभग मेल खाते हैं।"आरक्षण के मुद्दे को संरचनात्मक समस्या बताते हुए श्री लोन ने कहा कि असली चुनौती इसकी जड़ को सही तरीके से समझने में है। उनके अनुसार मौजूदा नीति में क्षेत्रीय असंतुलन गहराई से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा, "आरक्षण व्यवस्था की सबसे बड़ी समस्या यह है कि इसके संरचनात्मक पहलुओं को सही ढंग से समझा नहीं जा रहा। यह क्षेत्रीय असंतुलन की समस्या है, जिसे एक अत्यंत पक्षपाती और असंतुलित आरक्षण नीति बढ़ावा दे रही है।"श्री लोन ने कहा कि जब तक समस्या का सही निदान नहीं किया जाएगा, तब तक कोई समाधान संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकारों को वास्तविक स्थिति को स्वीकार करना होगा।
श्री लोन ने इस समस्या के समाधान के लिए तीन महत्वपूर्ण शर्तें बताईं। पहली, मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति-उन्होंने कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर ठोस रुख दिखाना होगा। दूसरी, डेटा और साक्ष्य आधारित शासन-उन्होंने कहा कि सरकार को उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर ठोस और वैज्ञानिक शोध के आधार पर फैसले लेने चाहिए।
उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में, खासकर जब जम्मू-कश्मीर एक केंद्र शासित प्रदेश है, सरकारें अफवाहों या अनुमान के आधार पर नीतियां नहीं बना सकतीं।
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