सक्ति , जुलाई 31 -- छत्तीसगढ़ के सक्ति जिले के डभरा क्षेत्र में स्थित आरकेएम पावर प्लांट के खिलाफ क्षेत्रवासियों का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को तेज हो गया। विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे ग्रामीणों ने सीमेंट कंपनियों के बंकर (कैप्सूल) वाहनों का आवागमन रोक दिया।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्होंने 14 जुलाई को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर 15 दिनों के भीतर समस्याओं के समाधान की मांग की थी लेकिन निर्धारित अवधि बीत जाने के बावजूद प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

ग्रामीणों के अनुसार विभिन्न सीमेंट कंपनियों से प्रतिदिन 400 से 500 ओवरलोड बंकर वाहन आरकेएम पावर प्लांट तक पहुंचते हैं, जिससे क्षेत्र की सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं तथा लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। उनका दावा है कि इन दुर्घटनाओं में लोगों एवं मवेशियों की मौत के बावजूद प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा नहीं दिया गया। साथ ही कंपनी द्वारा कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य विकास कार्य भी नहीं कराए जा रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम धिवरा निवासी रुकमणी रात्रे की निजी भूमि पर वर्ष 2014 से बिना भूमि अधिग्रहण किए सड़क का निर्माण कर कंपनी ने कब्जा कर रखा है। उनका कहना है कि अब तक न तो भूमि का मुआवजा दिया गया है और न ही किसी प्रकार का किराया, जिससे संबंधित परिवार आर्थिक एवं मानसिक कठिनाइयों का सामना कर रहा है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। समाचार लिखे जाने तक इस मामले में जिला प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हुई थी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित